विद्रोहियों ने संघर्षविराम का प्रस्ताव ठुकराया

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लीबिया में विद्रोहियों ने सरकार का संघर्षविराम का ताज़ा प्रस्ताव ठुकरा दिया है.बेनगाज़ी में अस्थाई राष्ट्रीय परिषद के प्रवक्ता अब्दुल हफ़ीज़ घोगा ने कहा है कि विद्रोही कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.

प्रवक्ता अब्दुल हफ़ीज़ घोगा ने एक पत्रकार वार्ता में कहा है कि गद्दाफ़ी संघर्षविराम इसलिए चाहते हैं क्योंकि नैटो के हवाई हमलों में उनके सैन्य बल को नुकसान पहुँच रहा है.

भविष्य में किसी भी राजनीतिक हल के तहत गद्दाफ़ी और उनके परिवारजनों के लीबिया में बने रहने के सुझाव पर प्रवक्ता ने कहा कि ये असंभव है.

राष्ट्रीय परिषद के प्रवक्ता का दावा था कि लीबिया में अब सैन्य स्तर पर भ्रम की स्थिति नहीं है और नैटो की मदद से विद्रोहियों की स्थिति बेहतर हुई है.

फ़ासला बना रहे

इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था की प्रमुख वेलरी एमोस ने आगाह किया है कि लीबिया में सैन्य अभियान और राहत कार्यों के बीच का फ़ासला बना रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि भले ही संयुक्त राष्ट्र के लिए लीबिया में राहत सामग्री लेकर जाना मुश्किल है लेकिन फिर भी उसे ये काम बिना सैन्य सहयोग के करना चाहिए.

दरअसल यूरोपीय संघ ने पेशकश की थी कि राहतकर्मियों और सामग्री की सुरक्षा के लिए वो सैनिक भेज सकता है.

वेलरी एमोस का कहना है कि सैन्य हस्तक्षेप के कारण राहतकर्मी ख़तरे में पड़ सकते हैं और साथ ही सामग्री पहुँचाने का काम भी प्रभावित हो सकता है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था की प्रमुख लीबिया के दौरे से लौटी हैं. उनका कहना है कि अधिकारी इस बात पर राज़ी हो गए हैं कि जिन इलाक़ों में लड़ाई चल रही है वहाँ राहतकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.

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