बीपी का ट्रांसोशन पर 40 अरब का दावा

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Image caption पिछले साल 20 अप्रैल को बीपी के तेल कुएँ में आग लगने के बाद वहाँ विस्फोट हुआ था

तेल कंपनी बीपी ने मेक्सिको की खाड़ी से तेल निकालने वाली कंपनी ट्रांसोशन पर नुक़सान के लिए 40 अरब डॉलर का दावा किया है.

पिछले साल 20 अप्रैल को बीपी के तेल कुएँ में आग लगने के बाद वहाँ विस्फोट हुआ था .इसमें 11 लोग मारे गए थे और लाखों गैलन तेल समुद्र में फैल गया था.

बीपी का कहना है कि मेक्सिको की खाड़ी में ट्रांसोशन कंपनी की सुरक्षा प्रणाली विफल हो गई थी.

इस घटना के बाद खाड़ी से 200 मिलियन गैलन तेल बर्बाद हो चुका है और इससे सैकड़ो मील तक फैली तटीय रेखा पर गंदगी फैली है.

बीपी ने तेल के रिसाव को रोकने के लिए मशीन बनाने वाली कंपनी कैमरन इंटरनेशनल पर भी दावा किया है.

बीपी का का आरोप है कि इस कंपनी की ये मशीन बड़ी मात्रा में हुए तेल के रिसाव को रोकने में नाकाम रही, जिसके बाद धमाका हुआ.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस घटना को अमरीका के इतिहास की सबसे बड़ा पर्यावरण से जुड़ी त्रासदी कहा था.

मुआवज़ा

न्यू ऑरलिंस की अदालत में बीपी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि स्विट्ज़रलैंड स्थित ट्रांसोशन और कैमरन इंटरनेशनल दोनों को रिसाव से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अरबों डॉलर की सहायता करनी चाहिए. इसमें रिसाव के बाद फैली गंदगी की सफाई और मुआवज़ा शामिल है.

बीपी ने अदालत में ये भी इच्छा जताई कि वह ये घोषणा करे कि कैमरन इंटनेशनल की वज़ह से हादसा हुआ या उसकी भी हादसे में ज़िम्मेदारी रही.

अपने मुक़दमें में बीपी ने कहा है कि ट्रांसोशन की वज़ह से हादसा हुआ जिससे अब भी नुक़सान हो रहा है.

कैमरन ने इसके ख़िलाफ़ अपनी दलील में अपना बचाव किया. अभी तक ट्रांसोशन ने इस बारे में कोई बयान नही दिया है.

मेक्सिको की खाड़ी में हुए तेल रिसाव की जांच के लिए अमरीका ने एक जांच दल का भी गठन किया था.

इस जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि तेल का रिसाव रोकने वाली मशीन के डिज़ाइन में ख़ामी थी और ट्रांसोशन के कर्मचारी भी मशीन की विफलती की एक वजह थे.

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