जापान में वर्जित क्षेत्र का दायरा बढ़ा

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Image caption टेप्को प्रमुख शिमिज़ु कोरियामा शिविर में लोगों से बात करते हुए.

जापान में सरकार ने क्षतिग्रस्त फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र के ईर्द-गिर्द और शहरों को ख़ाली कराने का फ़ैसला किया है.

पिछले महीने जापान में आए भूकंप और सुनामी के कारण फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गया था और संयंत्र से होने वाले विकिरण की चपेट से लोगों को बचाने के उद्देश्य से इसके 20 किलोमीटर के आसपास से लोगों को हटा दिया गया था.

सरकार ने 20 किलोमीटर के दायरे को वर्जित क्षेत्र घोषित कर दिया था और इसमें प्रवेश को ग़ैर क़ानूनी क़रार दिया था.

जापान सरकार के अनुसार विकिरण के बढ़ते असर को देखते हुए फ़ैसला किया गया है कि फ़ुकुशिमा संयंत्र के आसपास कई और शहरों को ख़ाली कराया जाए. इन इलाक़ो में फ़िलहाल दस लाख से ज़्यादा लोग रहते हैं.

इस बीच फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र को चलाने वाली कंपनी टेप्को के प्रमुख शिमिज़ु ने शुक्रवार को विस्थापित लोगों के एक शिविर का दौरा किया.

कोरियामा शिविर में जाकर टेप्को प्रमुख ने लोगों से माफ़ी मांगी लेकिन ज़्यादातर लोगों ने कहा कि उन्हें माफ़ी नहीं कार्रवाई चाहिए.

लोगों की नाराज़गी

एक नाराज़ महिला ने कहा, ''हमलोग, जितनी जल्दी संभव हो, घर जाना चाहते हैं. कृपया इसके बारे में कुछ करें.''

एक पुरुष ने अपना ग़ुस्सा कुछ इस तरह व्यक्त किया,''ज़रा सोचिए अगर आपके परिवार के साथ ऐसा हुआ होता तो आप क्या करते? इस समस्या को सुलझाते समय कृपया इसके बारे में ज़रूर सोचिए.''

एक और नाराज़ पुरुष ने कहा- अब आने का क्या मतलब है. वो बहुत देर से आए हैं. अगर वो मर जाएं तो भी मैं उन्हें माफ़ नही कर सकता.

दौरे की समाप्ति के बाद टेप्को प्रमुख ने कहा कि उन्हें इस बात का एहसास हो गया है कि कंपनी के लिए लोगों में अपनी छवि दोबारा बनाना कितनी बड़ी चुनौती है.

टेप्को प्रमुख शिमिज़ु ने कहा कि लोगों की बात सुनकर उन्हें पता चल गया है कि कंपनी ने स्थानीय लोगों से जो रिश्ते और विश्वास क़ायम किए थे वह पूरी तरह टूट चुका है. इसलिए ये बहुत महत्वपूर्ण है कि उस विश्वास को दोबारा बहाल करने के लिए कोई रास्ता निकालें, चाहे इसके लिए जितना भी समय लगे.

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