लीबिया:क़बायली-विद्रोही आमने सामने

विद्रोही
Image caption मिसराता में पिछले दो महीनों से लगातार जंग जारी है जिसमें काफी तादाद में आम लोग भी मारे गए हैं.

लीबिया के मिसराता में मौजूद गद्दाफ़ी समर्थक क़बायलियों ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर सेना विद्रोहियों से निपटने में नाकाम रहती है तो वो ख़ुद लड़ाई में कूद पड़ेंगे.

लीबिया के उप विदेश मंत्री ख़ालेद कायम का कहना है कि गद्दाफ़ी समर्थक क़बायली शहर में जारी लड़ाई और आम जनजीवन पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को लेकर नाराज़ हैं.

मिसराता पर पिछले कुछ महीनों से बारी-बारी से विद्रोदियों और गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों का कब्ज़ा रहा है.

ये लड़ाई फ़रवरी से ही जारी है.

मिसराता देश का अहम व्यावसायिक केंद्र है और त्रिपोली के बाद देश का दूसरा अहम बंदरगाह है लेकिन लगातार जारी लड़ाई और उससे हुए नुक़सान की वजह से शहर मुख्य राजमार्ग से कट गया है जिसके कारण शहर में व्यवसाय थम सा गया है.

हवाई हमले

उप विदेश मंत्री ने कहा कि सेना ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में अब तक संयम से काम लिया है ताकि आम लोगों पर इसका कम से कम असर हो.

क़ायम का कहना था कि अगर क़बायली लोग लड़ाई में शामिल हो जाते हैं तो लड़ाई में अब तक बरता गया संयम ख़त्म हो जाएगा.

इस बीच नैटो सेना ने राजधानी त्रिपोली पर और हवाई हमले किए है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने विमान भेदी तोपों और धमाकों की आवाज़े सुनीं.

ये धमाके लीबिया के नेता कर्नल ग़द्दाफ़ी के निवास स्थान के पास के इलाक़ों में भी सुने गए.

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