लीबिया में पहला ड्रोन हमला

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लीबिया में अमरीकी चालक रहित विमान यानी ड्रोन ने पहली बार हमला किया है.

अमरीकी सेना ने इसकी पुष्टि की है और कहा है कि मिसराता के पास किए गए इस हमले में लीबिया सरकार के एक रॉकेट लॉन्चर को नष्ट कर दिया गया.

ड्रोन के बारे में कहा जाता है कि वह शहरी इलाक़ों में स्थित सैन्य ठिकानों पर ज़्यादा सटीक हमले कर सकता है और इसकी वजह से आम नागरिकों के हताहत होने की आशंका कम हो जाती है.

पिछले गुरुवार ही अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लीबिया में हमलों के लिए अमरीकी ड्रोन के प्रयोग की अनुमति दी थी.

नागरिकों की सुरक्षा के लिए

ड्रोन हमले के कई घंटों बाद अमरीकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने इसकी पुष्टि की.

नैटो ने कहा है कि मिसराता शहर के भीतर ड्रोन ने गद्दाफ़ी सरकार के एक 'मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर' को अपना निशाना बनाया.

इस हमले के बाद नैटो ने अपने बयान में कहा है, "इस मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का उपयोग नागरिकों पर हमलों के लिए किया जा रहा था."

ऐसा नहीं है कि लीबिया में पहली बार ड्रोन का प्रयोग हो रहा है. वहाँ पहले भी ड्रोन का उपयोग होता रहा है लेकिन सिर्फ़ ख़ुफ़िया जानकारी जुटाने और निगरानी रखने के लिए.

हमलों के लिए इसका उपयोग वहाँ पहली बार हो रहा है.

बेनग़ाज़ी में मौजूद बीबीसी संवाददाता पीटर बाइल्स का कहना है कि लीबिया में पहली बार हुआ ड्रोन हमला नैटो के हवाई हमलों के एक नए दौर की शुरुआत है.

संवाददाता का कहना है कि ये नैटो की ओर से आम नागरिकों को बचाने की एक और कोशिश है.

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