नाइजीरिया में 500 मौतें

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Image caption चुनाव के बाद हुई हिंसा में बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं.

नाइजीरिया में एक मानवाधिकार संगठन का कहना है कि इस महीने संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनावों के बाद देश में कम से कम 500 लोग मारे गए हैं.

सिविल राइट्स कांग्रेस नामक संस्था का कहना है कि उत्तरी राज्य काडूना में हुई हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और यह संख्या 500 से अधिक भी हो सकती है.

संस्था के अनुसार राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन की जीत की ख़बर के बाद इस इलाक़े में दंगे भड़के. जोनाथन इसाई हैं और उन्होंने राष्ट्रपति चुनावों में देश के उत्तरी हिस्से से मुसलिम उम्मीदवार को चुनाव में हराया था.

यह ख़बर फैलते ही देश के मुसलिम बहुत उत्तरी इलाक़ों में दंगे शुरु हो गए थे जिसमें कई लोग मारे गए और हज़ारों की संख्या में लोग हिंसा से बचने के लिए अपने घरबार छोड़ कर भाग गए.

राष्ट्रपति जोनाथन के ख़िलाफ़ खड़े उम्मीदवार मोहम्मदु बुहारी ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि उनका इस घटना के पीछे कोई हाथ है. उन्होंने इन घटनाओं को दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और अवांछित करार दिया है.

सिविल राइट्स कांग्रेस के अनुसार काडूना का ज़ोनख्वा शहर सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है जहां कम से कम 300 लोग मारे गए हैं.

संस्था के प्रमुख शेहू सानी कहते हैं, ‘ उत्तरी इलाक़ों में कम से कम 516 लोगों के मरने की जानकारी है.’

संवाददाताओं का कहना है कि मंगलवार को नाइजीरिया में 36 राज्यों के लिए गवर्नरों का चुनाव है जिसके बाद और हिंसा भड़क सकती है.

पिछले सोमवार को राष्ट्रपति चुनावों के परिणाम आने के बाद विपक्षी मुसलिम उम्मीदवार के समर्थकों ने जम कर उपद्रव किया था और कई चर्चों में आग लगा दी थी जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ हमले हुए.

रविवार को उत्तर के शहर कानो में कई इसाइयों ने पुलिस के घेरे में ईस्टर का उत्सव मनाया.

इयो एंथनी दंगाइयों के डर से अपना घर छोड़ कर भागे थे.

वो कहते हैं, ‘‘पिछले दो दिन से शांति है लेकिन मैं अपने घर वापस नहीं जाऊंगा. जब तक गवर्नर के चुनाव नहीं होते वापस नहीं जाऊंगा.मैं बड़ी मुश्किल से अपने परिवार की जान बचाकर भागा था.’’

दंगाइयों ने एंथनी की दुकान जला दी थी.

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