बहरीन मे चार को मृत्युदंड

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Image caption बहरीन मे लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों मे हिंसा

बहरीन की एक सैन्य अदालत ने लोकतंत्र समर्थक प्रर्दशनों के दौरान सुरक्षाकर्मियों की हत्या के मामले में चार लोगों को मौत और तीन को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

इन लोगों पर पिछले महीने हुए प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोप हैं.

फ़रवरी से बहरीन में शुरु हुए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के सिलिसिले में ये पहला मुक़दमा है.

बहरीन के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के दौरान कुल चार पुलिसकर्मी मारे गए थे. लेकिन दो पुलिसकर्मियों की हत्या का मामला सैन्य अदालत में चलाया गया जिसमें सात लोगों पर मुकदमा चला.

सरकारी मीडिया का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मियों को जानबूझ कर कार के नीचे कुचला गया था.

रिपोर्टों के मुताबिक सज़ा सुनाए गए लोगों ने आरोपों को स्वीकार नहीं किया है.

मानवाधिकार का सवाल

हालांकि ऐसी ख़बरे हैं कि अभियुक्तों को अपील का अधिकार दिया गया है.

लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मुक़दमे की सुनवाई बंद दरवाज़ों के पीछे किए जाने पर चिंता जताई है और कहा है कि सुनवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का ख़्याल नहीं रखा गया.

उनका ये भी कहना है कि पहली बार नागरिकों पर सैन्य अदालत में मुकदमा चलाया गया है.

हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किए गए सातों लोगों को न तो अपने परिवारजनों से बात करने दिया गया और न ही उन्हें किसी वकील की सेवा लेने की इजाज़त दी गई.

मानवाधिकार संस्थाओं के मुताबिक बहरीन में हुए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों पर शिकंजा कसने में अधिकारियों ने काफ़ी सख़्ती से काम लिया है.

प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया और उन्हें अपने परिवारों से भी नहीं मिलने दिया गया.

बहरीन में मार्च के महीने में मार्शल लॉ लागू किए जाने के बाद से ये पहला मुक़दमा देखने में आया है.

राजधानी मानामा में इन प्रदर्शनों के दौरान पर्ल चौक पर डेरा डाले हुए प्रदर्शनकारियों में से लगभग 30 हिंसक झड़पों में मारे गए थे जबकि चार की मौत पुलिस हिरासत में हो गई थी.

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