सीरिया में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

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Image caption सीरिया में पिछले छह सप्ताहों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं

सीरिया से आ रही रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि देश के कई शहरों पर कस्बों में हज़ारों की संख्या में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी रैलियों में हिस्सा ले रहे हैं. ये ऐसे समय हो रहा है, जब सरकार ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं.

सरकार के दमन के ख़िलाफ़ देशभर में आज का दिन 'रोष दिवस' के रूप में मनाने का आह्वान किया गया है.

सीरिया में छह सप्ताह पहले शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम पाँच सौ लोगों की जान चली गई है.

सीरिया के दक्षिणी शहर डेरा के निवासियों का कहना है कि जुमे की नमाज़ या विरोध प्रदर्शनों में लोगों को शामिल होने से रोकने के लिए सैनिकों ने हवा में गोलियाँ चलाई हैं.

आशंका

निवासियों को आशंका है कि प्रदर्शनकारियों को हताश करने के लिए कई इमारतों की छतों पर बंदूकधारियों किया जा सकता है.

उत्तर में कुर्द शहर क़मेशली से लेकर दक्षिणी शहर डेरा तक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. इंटरनेट पर पोस्ट किए गए वीडियो फ़ुटेज में दिख रहा है कि कैसे लोग सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं.

दमिश्क में कड़ी सुरक्षा है. लेकिन ख़बरें ऐसी आ रही है कि यहाँ भी लोगों को प्रदर्शनों में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े हैं.

बंदरगाह शहर लताकिया में भी गोलीबारी की ख़बरें हैं और ये भी रिपोर्ट है कि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

सरकार ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे रैलियों में हिस्सा न लें. पिछले शुक्रवार को सेना के साथ झड़प में 100 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद जिनेवा में एक आपात बैठक कर रहा है, जिसमें सीरिया की स्थिति पर चर्चा होगी.

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