यमन के राष्ट्रपति का समझौते से इंकार

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Image caption यमन में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी

यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह ने कई महीनों से चल रहे प्रजातंत्र समर्थक प्रदर्शनों को समाप्त करने के उद्देश्य से किए जाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया है.

इस समझौते में तीस दिनों के भीतर उनके इस्तीफ़ा देने की व्यवस्था है.इसके बाद उनपर कोई मुक़दना नहीं चलाया जाएगा.

उधर खाड़ी सहयोग समिति ने भी यमन के राजनीतिक संकट में मध्यस्तता करने के अपने प्रयास स्थगित कर दिए हैं.

इस बीच सना में संयुक्त अरब अमीरात के दूतावास में फंसे विदेशी राजनयिकों को हवाई रास्ते से बाहर भेजा गया है.इस दूतावास को सालेह के समर्थकों ने घेर रखा है.

प्रदर्शन जारी

सरकारी टेलिविजन के अनुसार राष्ट्रपति सालेह ने तब तक समझौते पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया जब तक विपक्ष के प्रतिनिधि महल में होने वाले समारोह में शामिल नहीं होते.

बाद में सालेह की पार्टी के कुछ सदस्यों को समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए दिखाया गया लेकिन सालेह ने ख़ुद दस्तख़त नहीं किए.

इस बीच सालेह विरोधी प्रदर्शनकारियों नें राजधानी मे प्रदर्शन कर उनके तुरंत इस्तीफ़े की माँग की.

उन्होंने सरकारी भवनों की तरफ़ मार्च करने और अपने अभियान को और तेज़ करने की धमकी दी है.इसकी वजह से पिछले दिनों काफ़ी ख़ूनख़राबा हुआ है.

विपक्ष का कहना है कि जनवरी में आँदोलन शुरू होने के बाद से सुरक्षा बलों ने 140 से ज़्यादा लोगों को मारा है.

पिछले महीने भी सालेह अंतिम मौके पर इस समझौते पर हस्ताक्षर करने से पीछे हट गए थे.

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