‘धन्य घोषणा’ के लिए जुटे हज़ारों

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Image caption ‘बेटिफ़िकेशन’ के लिए पोप द्वितीय के पार्थिव शरीर को बाहर निकाला गया है.

पोप जॉन पॉल 'द्वितीय' को ‘धन्य घोषित’ किए जाने के समारोह में हिस्सा लेने के लिए हज़ारों की संख्या में लोग रोम पहुंच रहे हैं.

विशिष्ट व्यक्तित्वों में उत्पन्न हुई चमत्कारी ताकतों जिनसे मानवता की सेवा हो रोगियों को ठीक किया जा सके उन्हें मान्यता देने के लिए ईसाई धर्म में ‘धन्य’ घोषित करने की परंपरा है. इस प्रक्रिया को धार्मिक शब्दावली में ‘बेटिफ़िकेशन’ कहा जाता है.

पोप जॉन पॉल 'द्वितीय' की 'धन्य घोषणा' से पहले रोम में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. इस समारोह में कई विदेशी मेहमान और वरिष्ठ सरकारी अफ़सर शामिल हो रहे है.

इस अवसर पर ढाई घंटे तक चलने वाली प्रार्थना सभा की अध्यक्षता पोप बेनेडिक्ट करेंगे.

इस दौरान पोप जॉन पॉल 'द्वितीय' के अवशेष संत पीटर की पवित्र वेदी के सामने रखे आएंगे.

‘बेटिफ़िकेशन'

इससे पहले रोम के प्राचीन ‘सर्कस मैक्सिमस’ परिसर में रातभर प्रार्थनाओं का दौर चला और आठों चर्च रातभर खुले रहे.

ग़ौरतलब है कि पोप जॉन पॉल द्वितीय को धन्य घोषित करने पर विमर्श होता रहा है. ऐसे में फ्रांस की एक नर्स मैरी सिमोन-पियरे ने यह दावा किया कि उनकी पार्किंसन की बीमारी पोप की महिमा से ठीक हो गई और इसके बाद पोप जॉन पॉल 'द्वितीय' को धन्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरु हो गई.

‘बेटिफ़िकेशन’ की यह प्रक्रिया संत की उपाधि दिए जाने से पहले आखिरी चरण है.

इस समारोह में शामिल हो रहे विदेशी मेहमानों में ज़िंबाब्वे के नेता रॉबर्ट मुगाबी सहित पोलेंड और मेक्सिको के राष्ट्रपति भी शामिल हैं.

इस अवसर पर पोप की जीवन यात्रा, उनकी तस्वीरें और उनसे जुड़े लोगों के साक्षात्कार दिखाने के लिए कई बड़े टीवी स्क्रीन भी लगाए गए हैं.

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