इतिहास के पन्नों से

इतिहास के पन्नों पर नज़र डालें तो सात मई का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण बहुत अहम है. इस दिन की कुछ प्रमुख घटनाएँ इस प्रकार है

1945: जर्मनी ने बिना शर्त आत्मसमर्पण किया

आज ही के दिन जर्मनी ने बिना शर्त आत्मसमर्पण किया था और इसी के साथ यूरोप में छह साल चला युद्ध ख़त्म हुआ.

Image caption जर्मनी के जनरल गुस्ताव जोड्ल ने आत्मसमर्पण कागजों पर हस्ताक्षर किए थे

युद्ध ख़त्म होने का एक सरकारी बयान लंदन, मॉस्को और वाशिंगटन में जारी किया गया.

इस दिन ब्रिटेन में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया और नौ मई को भी अवकाश की पूर्व घोषणा हो गई.

बीबीसी संवाददाता थामस कैडेट ने उत्तर पूर्वी फ़्रांस के रेंस शहर में इस आत्मसमर्पण मसौदे पर हस्ताक्षर होते हुए देखा था.

ये वही इलाक़ा था जहाँ पर जनरल आइसनहावर के नेतृत्व में सेनाएं तैनात थीं.

बीबीसी संवाददाता कैडेट के मुताबिक़ आत्मसमर्पण काग़ज़ो पर हस्ताक्षर तड़के सुबह हुए और कार्रवाई बहुत संक्षिप्त थी.

जर्मनी की ओर से इन कागजों पर हस्ताक्षर जनरल गुस्ताव जोड्ल ने किए थे.

1956: ब्रितानी मंत्री ने धूम्रपान के खिलाफ़ अभियान को ख़ारिज किया

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री आरएच तर्टन ने आज ही के दिन सरकार की तरफ़ से चलाए जा रहे धूम्रपान विरोधी अभियान को ख़ारिज करते हुए कहा था कि अभी तक धूम्रपान के कोई भी बुरे प्रभावों के तथ्य सामने नहीं आए हैं.

ब्रिटेन की संसद में दिए गए एक बयान में तर्टन ने कहा, "हालांकि तंबाकू के धुंए में दो कैंसर पैसा करने वाले तत्त्व होते हैं लेकिन फेंफडों में कैंसर इसी धुंए से पैदा होता है या नहीं, इस बात के प्रमाण अभी नहीं मिले हैं."

ब्रिटेन के इस वरिष्ठ मंत्री का बयान उस समय आया था जब जब इस देश और अमरीका में तंबाकू उत्पादक कंपनियाँ लगातार इस बात से इनकार कर रही थीं कि सिगरेट पीने से कैंसर का रोग होता है.

ग़ौरतलब है कि 1965 में पहली बार अमरीका में बिकने वाले सिगरेट के पैकेटों पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी छपनी शुरू हुई थी.

2001: सीरिया में हजारों ने पोप का स्वागत किया

हज़ारों लोगों ने आज ही के दिन सीरिया के ऐतिहासिक दौरे पर गए पोप जॉन पॉल द्वितीय का स्वागत सत्कार किया था.

इमेज कॉपीरइट AP

सीरिया पहुँचने के बाद पोप अपनी खुली गाड़ी पर शहर की संकरी सड़कों पर निकले थे.

सड़क के दोनों ओर सैंकड़ों लोग तालियाँ बजा रहे थे, हाथों में झंडे लहरा रहे थे और पोप की जय जयकार कर रहे थे.

सीरिया के प्रमुख मुस्लिम मौलवी शेख़ अहमद कुफ्तारो ने पोप का स्वागत किया और उनसे गले मिले थे.

बाद में शेख़ अहमद कुफ्तारो ने कहा ,"ये एक ऐसा मौक़ा है जो इतिहास से भी परे है और इसके बाद दुनिया में शांति बहाली की प्रक्रिया का एक नया दौर शुरू होगा."

पोप के सीरिया दौरे के दौरान सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के एक बयान से इसराइल और सीरिया में एक विवाद भी खड़ा हो गया था.

संबंधित समाचार