2008 में ही लगा था अनुमान

ओसामा इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ओसामा के बारे में कई तरह के शोध भी हो रहे हैं.

अमरीकी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों ने वर्ष 2008 में एक शोध प्रकाशित किया था जिसके अनुसार ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद में रहने की संभावना व्यक्त की गई थी.

ओसामा बिन लादेन को सोमवार तड़के इसी शहर के एक इलाक़े में मारा गया.

प्रोफेसरों ने जिस तकनीक से ये शोध किया था वो तकनीक लुप्तप्राय प्रजातियों को खोजने के लिए इस्तेमाल की जाती है. इस शोध के अनुसार ओसामा के ऐबटाबाद में होने की संभावना 88.9 प्रतिशत थी.

शोध में पाकिस्तान के ही एक दूसरे शहर पराचिनार में ओसामा के होने की संभावना 95 प्रतिशत बताई गई थी.

यह शोध यूसीएलए के थॉमस गिलेस्पी के नेतृत्व में किया गया था और इसे 2009 में प्रकाशित किया गया.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption शोध के अनुसार ओसामा जहां भी होते उनके घर के बाहर बडी दीवारें होतीं

पर्यावरण संबंधी आकड़े जुटाने के लिए सेटेलाइट के आकड़ों की मदद लेने के काम में गिलेस्पी को महारत हासिल है और उन्होंने 2008 में अपने छात्रों के साथ किया गया यह शोध एमआईटी इंटरनेशनल रीव्यू को भेजा था.

इस आधार पर किए गए शोध में ओसामा के पराचिनार में होने की संभावना अधिक इसलिए रखी गई थी क्योंकि वहां चिकित्सा की सुविधाएं भी थीं. पराचिनार ऐबटाबाद से करीब 300 किलोमीटर दूर है.

हालांकि ऐबटाबाद दूसरे नंबर पर था जहां ओसामा के होने की संभावना 88.9 प्रतिशत दी गई थी.

गिलेस्पी के शोध के अनुसार ओसामा को किसी शहरी परिसर में होना था न कि किसी गुफा वाले ग्रामीण या पहाड़ी माहौल में क्योंकि जहां भीड़भाड़ अधिक होती वहां उनको पहचानने में उतनी ही अधिक मुश्किल भी होती.

गिलेस्पी ने बीबीसी को बताया कि शोध के अनुसार ओसामा के घर के आसपास ऊंची दीवारें होंती और सुरक्षा कड़ी होती और बिजली की आपूर्ति भी. उल्लेखनीय है कि ओसामा जहां मारे गए उस घर के बाहर बड़ी दीवारें थीं और बिजली की आपूर्ति भी.

संबंधित समाचार