सीरिया में प्रदर्शन और झड़पें

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Image caption हिंसक कार्रवाइयों के बावजूद प्रदर्शन जारी हैं

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों को देखते हुए राजधानी दमिश्क में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.

सीरिया में जुमे की नमाज़ के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है.

दमिश्क में एक मस्जिद से बाहर निकल रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव किया जिसके बाद आँसू गैस के गोले छोड़े गए.

सीरिया में पिछले एक महीने से जारी प्रदर्शनों में अब तक 500 से अधिक लोगों के मारे जाने का अनुमान है.

सीरिया में कई जगहों पर छापे मारकर अब तक ढाई हज़ार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, इन प्रदर्शनों की शुरूआत जिस डेरा शहर से हुई थी वहाँ से सैनिकों और टैंकों की हटा लिया गया है लेकिन सीरिया सरकार का कहना है कि वह उन "हथियारबंद गिरोहों से सख़्ती से निबट रही है जो आम नागरिकों को आंतकित कर रहे हैं".

दमिश्क के इबरिन, सक़बा, दूमा और मैदान जैसे इलाक़ों में बहुत बड़ी संख्या में सैनिक तैनात किए गए हैं.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दमिश्क के एक मस्जिद के बाहर पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ जबकि एक अन्य इलाक़े में जमा हुए प्रदर्शनकारियों को सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने तितर बितर कर दिया.

दमिश्क के उत्तर में स्थित शहर तल से ख़बर मिल रही है कि वहाँ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई हैं. बिनियास से एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी एपी को बताया है कि वहाँ चार बख़्तरबंद गाड़ियों और कई टैंकों के साथ सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया गया है.

स्थानीय लोग चिंता प्रकट कर रहे हैं कि उनके शहर को चारों तरफ़ से घेरा जा रहा है ताकि वे प्रदर्शन न कर सकें.

प्रदर्शनकारी राजनीतिक प्रणाली में सुधार और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की माँग कर रहे हैं, कई स्थानों पर लोग राष्ट्रपति बशर अल असद को पद से हटाए जाने की भी माँग कर रहे हैं.

सीरिया में विदेशी पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है इसलिए निष्पक्ष सूत्रों से ख़बरें हासिल करने में भारी कठिनाई हो रही है.

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