वैकल्पिक चुनाव प्रणाली को 'ना'

निक क्लेग और डेविड कैमरन
Image caption लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता निक क्लेग (बाईं ओर) के लिए ये एक बड़ा झटका है.

ब्रिटेन में हुए एक जनमत संग्रह में मतदाताओं ने सांसदों को चुनने के लिए वैकल्पिक प्रणाली को ख़ारिज कर दिया है.

ये जनमत संग्रह इस बात पर हुआ था कि क्या ब्रितानी चुनाव प्रणाली में बदलाव किया जाना चाहिए.

लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की पहल पर आयोजित इस रेफ़रेंडम को वैकल्पिक मतदान प्रणाली या एवी वोटिंग सिस्टम कहा जा रहा है,जिसके तहत प्रस्ताव रखा गया था कि मतदाता उम्मीदवारों को अपनी पसंद के हिसाब से क्रमिक प्राथमिकता दें, यानी पहली, दूसरी और तीसरी पसंद बताएँ.

जनमत संग्रह में लगभग 68 फ़ीसदी लोगों ने वैकल्पिक प्रणाली के विरोध में मत डाले हैं. ब्रिटेन में सत्तारूढ़ गठबंधन की जूनियर पार्टनर लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के लिए ये एक तगड़ा झटका है.

लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए झटका

लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी दशकों से इस प्रणाली के पक्ष में अभियान चलाती आई है.

मौजूदा व्यवस्था के तहत चुनाव में सर्वाधिक मत पाने वाले व्यक्ति को सांसद चुना जाता है. इसे 'फ़र्स्ट पास्ट द पोस्ट' सिस्टम कहा जाता है. भारत में भी यही प्रणाली परंपरा में है.

बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता रॉस हॉकिन्स के अनुसार चुनाव सुधारों पर अकसर जटिल बहस होती रही है लेकिन अब ये साफ़ हो गया है कि लोग इस बारे में क्या सोचते हैं. इस प्रणाली के विरोधियों का स्पष्ट जीत हुई है.

रॉस हॉकिन्स के अनुसार पर हार के दोषारोपण और जीत के लिए श्रेय लेने की होड़ शुरू होगी. उनके अनुसार जो लोग इसके पक्ष में थे वे कहेंगे कि वो प्रधानमंत्री की क्षमता, मीडिया और प्रणाली के विरुद्ध अभियान के कारण हारे हैं.

उधर इस प्रणाली को ना कहने वाले कहेंगे कि ये वैकल्पिक व्यवस्था के जटिल होने के कारण उसे लोगों ने ख़ारिज कर दिया है.

संबंधित समाचार