लीबियाई तट के पास जहाज़ डूबने की ख़बर: संयुक्त राष्ट्र

छोटे समुद्री जहाज़ (फ़ाइल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट AP
Image caption संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पाँच महीने में ऐसे जहाज़ों से भाग रहे 800 लोग मारे गए हैं

शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा है कि उसे मिली रिपोर्टों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि लीबिया के तट के पास 600 शरणार्थियों को ले जा रहा एक समुद्री जहाज़ डूब गया है. अनेक लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

इस हादसे में बचे लोगों ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी को बताया है कि उन्होंने समुद्र में जहाज़ को टूटते हुए देखा और कई शव भी देखे हैं.

शरणार्थी ऐजेंसी का कहना है कि ये ताज़ा घटना है जिसमें लीबिया से समुद्रीय जहाज़ के ज़रिए बच कर भाग रहे लोगों की मौत हुई है.

रोम से बीबीसी संवाददाता डंकन कैनेडी का कहना है कि प्रशांत महासागर में गश्त लगाने वाले इतालवी कोस्टगार्ड ने कहा है कि उसे इस घटना की कोई ख़बर नहीं है.

एक अलग घटना के बारे में नैटो ने उन रिपोर्टों को खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उसने लीबिया से अफ़्रीकी शरणार्थियों को ले जा रहे एक समुद्री जहाज़ की मदद नहीं की था और इस पर सवाल 60 लोग बाद में मारे गए थे.

मृतक पलायनकर्ताओं की संख्या 800: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ये घटना पिछले हफ़्ते की है लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का विवरण अब ही सामने आ रहा है.

इस विवरण के अनुसार समुद्री जहाज़ तट से ज़्यादा दूर नहीं था जब वह टूट गया. एक सोमाली महिला ने बताया कि वह तो समुद्र में तैर कर तट तक पहुँचने में सफल हुई पर उसका चार महीने का बच्चा डूब गया.

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Image caption मिस्राता अब भी गद्दाफ़ी की सेनाओं से घिरा हुआ है और भीषण गोलाबारी जारी है

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि संभव है कि इस जहाज़ पर 600 लोग सवार थे.

संयुक्त राष्ट्र का आकलन है कि लीबिया में जारी हिंसा से बचकर भागने वाले लगभग 800 लोग अब तक ऐसी घटनाओं में मारे जा चुके हैं.

इसमें पिछले महीने एक जहाज़ के डूबने से मारे जाने वाले 250 लोग भी शामिल हैं.

पलायन कर रहे अधिकतर लोग तस्करों को पैसे देकर इटली के लेंपेदूसा टापू पर जाने का प्रयास करते हैं.

शनिवार को 500 लोगों को ले जा रहे एक जहाज़ की चट्टानों से टक्कर हो गई थी और बाद में गोताखोरों को तीन शव मिले थे.

उत्तरी अफ़ीका में राजनीतिक संकट शुरु होने के बाद से इटली शरणार्थियों को लगातार उसके टापुओं में आने को रोक रहा है लेकिन एक आकलन के मुताबिक जनवरी से लेकर अब तक लगभग 30 हज़ार शरणार्थी लीबिया और ट्यूनिशिया से वहाँ पहुँच चुके हैं.

'विद्रोही मिस्राता के हवाई अड्डे की ओर'

उधर लीबिया में विद्रोहियों का कहना है कि उन्होंने मिस्राता से कर्नल गद्दाफ़ी की सेनाओं को पीछे धकेल दिया है.

दो महीने से गद्दाफ़ी की सेनाओं ने मिस्राता की घेराबंदी कर रखी है और रॉकेटों और तोपों से गोलाबारी हो रही है.

बीबीसी संवाददाता एंड्रयू हार्डिंग ने विद्रोहियों के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया है, "नैटो के लड़ाकू विमानों की मदद से विद्रोही मिस्राता शहर के हवाई अड्डे पर कब्ज़ा करने के क़रीब हैं. वे तट के साथ-साथ लगभग तीस किलोमीटर आगे बढ़ गए हैं और त्रिपोली की तरफ़ अग्रसर हैं."

एंड्रयू हार्डिंग के अनुसार विद्रोहियों की योजना पास के शहर ज़्लिटान के विद्रोहियों से संपर्क साधकर आगे बढ़ने की है लेकिन ये आसान काम नहीं है.

वहाँ गद्दाफ़ी की सेना का कब्ज़ा है.

लेकिन विद्रोहियों का कहना है कि शहर में उनके समर्थकों ने गोला-बारूद एकत्र कर लिया है और उम्मीद है कि और शहरी भी विद्रोह में शामिल होंगे.

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