भारत अफ़्रीका शिखर सम्मेलन पर नज़र

मनमोहन सिंह अदीस अबाबा में इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption भारत अफ़्रीका शिखर सम्मेलन अदीस अबाबा में शुरू हो रहा है

इथियोपिया की राजधानी अदीसअबाबा में दूसरा भारत अफ़्रीका शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं जबकि कई अन्य अफ़्रीकी देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं.

भारत चाहता है कि अफ़्रीका में वह अपने व्यापार को बढ़ाए ताकि वह चीन से पिछड़ न जाए. चीन ने हाल के वर्षों में अफ़्रीका के साथ अपने संबंध काफ़ी बेहतर किए हैं.

अफ़्रीका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार चालीस अरब डॉलर प्रतिवर्ष का है.लेकिन चीन इसकी तुलना में अफ़्रीका से तीन गुना व्यापार करता है.

कारों और दवाओं का निर्यात

भारत अफ़्रीका को सस्ती कारों और मोटर साइकिल से लेकर जीवन बचाने वाली दवाएँ बेचने के लिए तैयार है. मनमोहन सिंह और अफ़्रीकी नेता इस बात पर मंत्रणा करेंगे कि दोनों पक्षों के बीच व्यापार को किस तरह बढ़ाया जाए.

आँकड़ों के अनुसार अफ़्रीका की अर्थव्यवस्था प्रति वर्ष पाँच फ़ीसदी से भी ज़्यादा की दर से बढ़ रही है हाँलाकि ज़्यादातर लोगों का मानना है कि वे इसके असर नहीं देख पा रहे हैं.

भारत की अर्थव्यवस्था भी आठ फ़ीसदी की दर से बढ़ रही है. अफ़्रीका के साथ उसके व्यापारिक संबंध भी बढ़ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण भारती एयरटेल है जिसने कुवैती कंपनी ज़ैन को दस अरब डॉलर में ख़रीद कर अफ़्रीका भर में मोबाइल फ़ोन ऑप्रेशन का अधिकार प्राप्त कर लिया है.

अफ़्रीकी नेताओं के सामने चुनौती है कि इस व्यापार को किस तरह से बढ़ाया जाए और कच्चे माल पर इसकी ज़रूरत से ज़्यादा निर्भरता को किस तरह कम किया जाए.

स्थायी सीट की माँग

इस बैठक में समुद्री डकैतो के बारे में भी चर्चा होगी. समझा जाता है कि सोमाली डाकुओं द्वारा अपह्रत नाविकों में से दस फ़ीसदी भारतीय हैं.

हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि अफ़्रीका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सीट मिलनी चाहिए.भारत भी कई सालों से अपने लिए सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट की माँग करता रहा है.

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