तस्वीरों के इस्तेमाल पर बवाल

वरोध प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी
Image caption सिडनी में हुए फ़ैशन शो में मॉडलों ने ऐसे स्विमसूट पहन कर रैंपवॉक किया, जिस पर लक्ष्मी देवी का प्रिंट छपा हुआ था.

आस्ट्रेलिया में हुए एक फ़ैशन शो में एक हिंदू देवी की तस्वीर के ‘ग़लत’ इस्तेमाल पर भारत में एक क़ानूनी लड़ाई छिड़ गई है.

दरअसल सिडनी में हुए इस फ़ैशन शो में मॉडलों ने ऐसे स्विम-सूट पहन कर रैंपवॉक किया, जिस पर लक्ष्मी देवी का प्रिंट छपा हुआ था. इन स्विमसूटों को लीसा ब्लू नाम की डिज़ाइनर ने डिज़ाइन किया था.

ये तस्वीरें भारत के कई अख़बारों ने छापी, जिस पर कई भारतीय लोगों ने गहन आपत्ति जताई है.

इलाहबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने ये तस्वीरे छापने के लिए एक हिंदी अख़बार को नोटिस जारी कर दिया है.

इन आपत्तिजनक तस्वीरों के छपने के बाद भारत के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए गए. विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आस्ट्रेलिया के झंडे और इन तस्वीरों को आग भी लगाई.

अदालत ने प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया, केंद्र और राज्य सरकार को भी नोटिस जारी किया है और कहा है कि इन तस्वीरों के छापे जाने पर वे अपना रुख़ साफ़ करें.

एक याचिकाकर्ता किरन खन्ना टंडन के मुताबिक़ अदालत ने भारत सरकार से कहा है कि वो आस्ट्रेलियाई सरकार को सूचित करे कि वहां हुए फ़ैशन शो ने भारत में हिंदु समुदाय को ठेस पहुंचाई है.

डिज़ाइनर की माफ़ी

Image caption ये तस्वीरें भारत के कई अख़बारों ने छापी, जिस पर कई भारतीय लोगों ने गहन आपत्ति जताई है.

पिछले सप्ताह किरन खन्ना ने अदालत को एक अर्ज़ी लिख इन तस्वीरों पर आपत्ति जताई थी और इन्हें छापने वाले अख़बारों और उस पोशाक की डिज़ाइनर लीसा ब्लू पर कार्रवाई की मांग की थी.

कोर्ट ने उनकी अर्ज़ी को जनहित याचिका का दर्जा दिया और मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई की.

वकीलों ने अदालत से कहा कि अख़बारों को ऐसी आपत्तिजनक तस्वीरें नहीं छापनी चाहिए थी और भारत सरकार को इस मामले पर आस्ट्रेलियाई सरकार से बात करनी चाहिए.

अब इस मामले पर अगली सुनवाई छह हफ़्तों के बाद की जाएगी.

इस बीच कुछ अख़बारों ने लीसा ब्लू का एक वक्तव्य छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि इस पोशाक के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी गई है. ख़बरों के मुताबिक़ उन्होंने हिंदु समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर माफ़ी भी मांगी है.

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