ईरान का परमाणु बिजली घर शुरु

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Image caption बूशेहर परणामु बिजली घर को लेकर ईरान और पश्चिमी देशों में तनाव रहा है

ईरान के बुशेहर परमाणु बिजली घर के पहली भट्टी या रिएक्टर ने काम करना शुरु कर दिया है.

रूस की जिस कंपनी ने इस संयंत्र का निर्माण किया है उसने एक बयान जारी करके कहा है कि संयंत्र ने रविवार से काम करना शुरु किया.

एटम्सट्रॉयएक्सपोर्ट कंपनी का कहना है कि इसे अभी न्यूनतम स्तर पर रखा गया है और इसी में संयंत्र के नियंत्रण और सुरक्षा की जाँच की जाएगी.

यह ईरान का पहला परमाणु बिजली घर है.

अमरीका और कुछ यूरोपीय देश आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान इस परमाणु बिजली घर की आड़ में परमाणु हथियार बना रहा है.

ईरान इन आरोपों का खंडन करता है और कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.

37 साल पुरानी परियोजना

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार पहले ये संयंत्र पिछले साल दिसंबर में शुरु होना था लेकिन इसे टाल दिया गया.

फिर फ़रवरी में इसका निर्माण कर रही कंपनी ने संयंत्र से परमाणु ईंधन को हटाने का फ़ैसला किया क्योंकि उसे लगा कि इस देर की वजह से संयंत्र को नुक़सान न पहुँचे.

अप्रैल में फिर से ईंधन डालने का काम शुरु हुआ और पिछले रविवार से इसने काम करना शुरु किया.

बुशेहर संयंत्र का निर्माण 1974 में शुरु हुआ था और तब इसे बनाने का काम जर्मनी की सीमेन्स कंपनी को दिया गया था. लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद इस कंपनी ने अपने हाथ खींच लिए थे.

इसके बाद काफ़ी समय तक इस परियोजना पर काम रुका रहा. 1992 में ईरान सरकार ने रूसी कंपनी को नए सिरे से इसका काम दिया और 1995 में इस पर काम शुरु हुआ.

वैसे तो संयंत्र को 1999 में शुरु हो जाना था लेकिन इसमें देर होती गई. इस देर की वजह से ईरान के राजनीतिज्ञों ने कई बार रूस को अविश्वसनीय पार्टनर भी कहा. लेकिन ईरान की मीडिया का कहना रहा है कि ये देर राजनीतिक वजहों से हुई न कि तकनीकी कारणों से.

पिछले महीने ख़बर आई थी कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने के लिए अमरीका और इसराइल ने मिलकर कोई कंप्यूटर वाइरस का इस्तेमाल किया था.

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