स्कूल में छोटी स्कर्ट को लेकर बवाल

स्कर्ट
Image caption छात्राओं के स्कर्ट की लंबाई पिछले एक दशक में कम हुई है

आपने राजनीतिक, सामाजिक या आर्थिक मु्द्दों पर बहस गर्म होते हुए सुनी होगी लेकिन दक्षिण कोरिया में एक अलग ही मुद्दा गर्मा रहा है.

यहां स्कूलों में छात्राओं के छोटी स्कर्ट पहनने से किस तरह से निपटा जाए इस पर बहस तेज़ है.

गैंगवॉन प्रांत में एक स्थानीय शैक्षणिक बोर्ड ने ये घोषणा की है कि वह छात्रों की डेस्क के सामने बोर्ड लगवा रहे है ताकि उन्हें असुविधा न हो.

गैंगवॉन के शैक्षणिक बोर्ड का कहना है कि वह इन गर्मियों में 50 हज़ार डेस्कों के सामने बोर्ड लगाने की योजना बना रहा है ताकि छात्र क्लास में आराम से बैठ सकें

इस कदम से सात लाख डॉलर का ख़र्च आएगा.

मतभेद

शैक्षिणक बोर्ड के एक अधिकारी ने स्थानीय मीडिया को बताया है कि डेस्कों के आगे बोर्ड लगाने का कुछ शिक्षक भी समर्थन कर रहे है.

लेकिन इसे शिक्षक संघ का समर्थन हासिल नहीं है. संघ ने इस बात की निंदा करते हुए कहा है कि बोर्ड लगाने से पैसे की बर्बादी होगी.

बुधवार से गैंगवॉन में विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है इसमें ये फैसला लिया जाएगा कि इस योजना के लिए अनुदान देने पर मोहर लगाई जाए या नहीं.

एक स्थानीय अख़बार में आए एक सर्वेक्षण के मुताबिक पिछले दशक में स्कूलों में लड़कियों के स्कर्ट की लंबाई 10 से 15 सेंटीमीटर ऊंची हो गई है.

यही सबके लिए एक तरह से असुविधा का कारण बन रहा है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ये मुद्दा बहुत आसानी से और सस्ते में निपट सकता है अगर स्कूल की वर्दी को लेकर नए क़ानून लागू कर दिए जाएं.

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