कई शहरों में सेना, सैकडों के मारे जाने का 'सबूत'

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Image caption डेरा, होम्स, बानियास और दमिश्क के कुछ क्षेत्रों में टैंकों पर सवार सैनिक कार्रवाई कर रहे हैं

सीरिया के अनेक शहरों में मार्च के महीने में शुरु हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ टैंकों के इस्तेमाल से सैन्य कार्रवाई हो रही है.

उधर एक मानवाधिकार संस्था ने दावा किया है कि उसके पास कम से कम 750 लोगों के मारे जाने के सबूत हैं. पिछले ढ़ाई महीनों में सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

सीरिया में नेशनल ऑर्गेनाइज़ेशन फ़ॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि उसके पास दस्तावेज़ हैं जिनमें 750 लोगों के नाम और उनकी मौत के कारणों की जानकारी है.

उधर संयुक्त राष्ट्र से आ रही जानकारी से संकेत मिलते हैं कि अन्य देशों के दबाव के कारण संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद में सदस्यता पाने की सीरियाई योजना खटाई में पड़ गई है.

सीरिया इस परिषद में सदस्यता पाने वाले देशों में आगे था लेकिन परिषद के अन्य सदस्यों ने इस विषय पर सीरिया पर काफ़ी दबाव बनाया है.

इन प्रदर्शनों को सीरिया में पिछले 40 साल में बाथ पार्टी और बशर अल-असद के परिवार के शासन के लिए सबसे गंभीर चुनौती माना जा रहा है.

कई शहरों में सेना, सरकार ने 'आतंकवादियों' पर दोष मढ़ा

दूसरी ओर केंद्रीय सीरिया के होम्स शहर, पश्चिमी तट पर स्थित बानियास शहर, दक्षिण में स्थित डेरा और राजधानी दमिश्क के बाहरी इलाक़ों में सैनिक और टैंक अपने अभियान चला रहे हैं.

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Image caption छह मई को एक नागरिक ने बानियास शहर के प्रदर्शनों की ये तस्वीर भेजी

बेरूत में मोजूद बीबीसी संवाददाता जिम मोयर के अनुसार कई प्रदर्शनकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवाओं को गिरफ़्तार कर, गाड़ियों में भर कर जेल ले जाया जा रहा है. सरकार पर आरोप है कि वहाँ प्रदर्शनकारियों को यातनाएँ दी जा रही हैं और उन्हें पीटा जा रहा है.

सैनिक प्रदर्शनकारियों में भय पैदा करने के लिए टैंकों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

सरकार का आरोप है कि सशस्त्र आतंकवादियों के उग्रवादी गुट अफ़रा-तफ़री फैला रहे हैं. सरकार का कहना है कि 'आतंकवादी' सैनिकों और पुलिसकर्मियों को रोज़ाना जान से मार रहे हैं.

उधर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई सैनिकों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा बल ही इसलिए गोली मार रहे हैं क्योंकि वे निहत्थे आम नागरिकों पर गोली चलाने से इनकार कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र कह चुका है कि उसे दो हफ़्ते से सैनिकों से घिरे हुए डेरा शहर में नागरिकों तक राहत सामग्री नहीं पहुँचाने दी जा रही है. वहाँ अनेक लोग मारे गए हैं.

यूरोपीय संघ पहले ही सीरिया के किसी तरह की सैन्य सामग्री देने पर रोक लगा चुका है.

यूरोपीय संघ ने 13 अधिकारियों और सरकार के समर्थकों को वीज़ा देने पर प्रतिबंध लगाया और उनकी संपत्ति ज़ब्त करने को मंज़ूरी दी है.

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