मनमोहन सिंह काबुल में, दो लोग गिरफ़्तार

Image caption मनमोहन सिंह की काबुल यात्रा

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के काबुल पहुंचने से ठीक पहले अफ़ग़ानिस्तान की पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है.

काबुल स्थित बीबीसी पश्तो सेवा के संवाददाता सईद अनवर ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान ख़ुफ़िया विभाग के प्रवक्ता लु्त्फ़ुल्लाह मशाल ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी.

ख़ुफ़िया विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक़ अफ़ग़ान पुलिस ने जलालाबाद शहर से दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. प्रवक्ता ने कहा कि दोनों लोग हथियार से लैस थे.

उनके मुताबिक़ गिरफ़्तार किए गए दोनों लोग अफ़ग़ान नागरिक हैं और उनकी पूछताछ से काफ़ी चौंकाने वाली ख़बरें मालूम हुई हैं.

लुत्फ़ुल्लाह मशाल के अनुसार एक पड़ोसी देश ने उन्हें जलालाबाद स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रमुख की हत्या करने के लिए एक लाख 40 हज़ार डॉलर देने का वादा किया था.

ग़ौरतलब है कि जलालाबाद शहर अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा पर स्थित है.

पाकिस्तान हमेशा से अफ़ग़ानिस्तान में भारत के चार वाणिज्य दूतावासों की मौजूदगी का विरोध करता रहा है.

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत इन दूतावासों के ज़रिए पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को समर्थन देता है.

काबुल यात्रा

इस बीच मनमोहन सिंह बृहस्पतिवार को काबुल में होंगे. वो अफ़ग़ानिस्तान के दो दिनों के दौरे पर हैं.

काबुल रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच बहुत गहरा और स्थायी संबंध है, जो ऐतिहासिक काल से क़ायम है.

प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक मनमोहन सिंह ने कहा, ''मैं राष्ट्रपति हामिद करज़ई और वहां के नेतृत्व से व्यापक मुद्दों पर बातचीत की उम्मीद करता हूं, जो आने वाले वर्षों में हमारे संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा. हम इस क्षेत्र के विकास और आतंकवाद के अभिशाप के ख़िलाफ़ अपनी साझा लड़ाई पर भी चर्चा करेंगे. शांति, स्थिरता और सामंजस्य की अफ़ग़ान लोगों की इच्छा में इस क्षेत्र के सभी देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय अपना पूरा समर्थन देता है.”

मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत, अफ़ग़ानिस्तान में होने वाले घटनाक्रमों से अप्रभावित नही रह सकता और अगर इस क्षेत्र को समृद्ध होना है और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ना है तो अफ़ग़ानिस्तान को अपने पुनर्निर्माण के काम में सफल होना पड़ेगा.

मनमोहन सिंह ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के लोगों ने लंबे समय तक कष्ट भोगा है लेकिन अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की स्थायी रूप से मदद करने के लिए भारत प्रतिबद्ध है.

मनमोहन सिंह का दौरा हालाँकि पहले से तय था लेकिन किसी ना किसी वजह से ये टलता जा रहा था. अब मनमोहन सिंह का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब कुछ ही दिनों पहले अमरीका ने अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में एक सैनिक अभियान में मार डाला है.

जानकारों का कहना है कि इस बदले हुए परिवेश में उम्मीद है कि काबुल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पहले के मुक़ाबले अधिक अहमियत दी जाए.

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