अफ़गानिस्तान को सहयोग का भरोसा

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Image caption मनमोहन सिंह गुरुवार को दो दिन के अफ़गानिस्तान दौरे पर पहुंचे हैं.

मनमोहन सिंह ने अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से कहा है कि भारत तालिबान के साथ अफ़गानिस्तान की नीति का समर्थन करता है. मनमोहन सिंह ने ये भी कहा कि अफ़गानिस्तान अपने समाज को फिर से खड़ा करने के लिए भारत की मदद पर निर्भर कर सकता है.

प्रधानमंत्री मनमोहन ने अफ़गानिस्तान को 50 करोड़ अमरीकी डॉलर की सहायता का भी वादा किया. भारत पहले ही अफ़गानिस्तान की क़रीब डेढ़ सौ करोड़ डॉलर की मदद करता है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार भारत की ओर से दिए जाने वाले अनुदान का इस्तेमाल कृषि, शिक्षा और सड़कों पर ख़र्च किया जाएगा. भारत पहले से ही अफ़गानिस्तान में सड़क निर्माण के अलावा देश की संसद के लिए भवन बना रहा है.

काबुल में हामिद करज़ई की मौजूदगी में मनमोहन सिंह ने कहा, "भारत आपका पड़ोसी है और आपके विकास में सहयोगी हैं. आप हमपर अपने समाज, राजनीति और अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहयोग करने का भरोसा कर सकते हैं."

मनमोहन सिंह और करज़ई के बीच क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद और भारत-अफ़गानिस्तान सामरिक सहयोग के मुद्दों पर बातचीत हुई.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा कि तालिबान के ख़िलाफ़ चल रहे युद्ध का सबसे बढ़िया हल चरमपंथियों को सरकार के साथ समझौता करने पर यक़ीन दिलाना है.

मनमोहन सिंह ने करज़ई की इस बात का समर्थन करते हुए कहा, "हम अफ़गानिस्तान के लोगों की शांति की चाह का मज़बूती से समर्थन करते हैं. "

'भारत अमरीका जैसा नहीं'

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Image caption भारत अफ़गानिस्तान को 50 करोड़ डॉलर का सहयोग देने का वादा किया.

काबुल में हई संयुक्त प्रेसवार्ता में मनमोहन सिंह से जब ये पूछा गया क्या भारत अमरीका की तरह पाकिस्तान स्थित चरमपंथियों के विरुद्ध ऑपरेशन कर सकता है तो प्रधानमंत्री ने कहा कि 'भारत अमरीका की तरह नहीं है.'

मनमोहन सिंह ने कहा, "ये संवेदनशील मुद्दे हैं. हम आतंकवाद पर नीतियों के बारे में प्रेसवार्ताओं में बातचीत नहीं करते. मैं इतना कहना चाहूंगा कि भारत अमरीका जैसा नहीं है."

ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद में मिलने और फिर अमरीकी ऑपरेशन में मारे जाने को मनमोहन सिंह ने अनोखा लम्हा बताया.

साथ ही उन्होंने कहा, "इस बात की जांच होनी चाहिए कि कैसे ओसामा बिन लादेन इतने लंबे समय तक बिन लादेन ऐबटाबाद में कैसे रहा."

अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा कि अफ़गानिस्तान भारत के साथ बढ़ती हुई सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र और अधिक सामरिक रिश्ते बनाना चाहता है

करज़ई ने कहा, "आज हमने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ दोनों देशों के बीच संबंधों के विकास पर आगे बातचीत की. इनमें क्षेत्रीय मुद्दों, हमारे अमरीका के साथ संबंधों, अफ़गानिस्तान के भविष्य, अफ़गानिस्तान में शांति और अर्थव्यवस्था पर बातचीत हुई."

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव निरुपमा राव, अफ़गानिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष दूत सतिंदर लांबा समेत कई वरिष्ठ अफ़गानिस्तान के दौरे पर हैं.

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