सीरिया: हज़ारों छात्रों पर लाठी चार्ज

प्रदर्शनकारी इमेज कॉपीरइट AP
Image caption डेरा, होम्स और बानियास में टैंकों के इस्तेमाल से सैन्य कार्रवाई हो रही है

सीरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर एलीपो में बुधवार रात को प्रदर्शनों में भाग ले रहे हज़ारों छात्रों पर सुरक्षा बलों ने लाठी चार्ज किया है.

उधर सीरिया के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा है कि दक्षिणी शहर डेरा में टैंकों के ज़रिए की गई सेना की गोलाबारी में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं.

होम्स में भी मशीनगनों से की गई फ़ायरिंग में निवासियों के अनुसार नौ लोग मारे गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने राष्ट्रपति बशर अल-असद से अपील की है कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, वे राजनीतिक सुधारों की माँग पर कार्रवाई करें.

सीरिया में मार्च माह से ही 40 साल से बाथ पार्टी और बशर अल असद के परिवार के सत्ता में बने रहने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं. ट्यूनिशिया और मिस्र में सत्ता परिवर्तन के बाद शुरु हुए इन विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारी राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption छह मई को एक नागरिक ने बानियास शहर के प्रदर्शनों की ये तस्वीर भेजी

मंगलवार को सीरिया में नेशनल ऑर्गेनाइज़ेशन फ़ॉर ह्यूमन राइट्स का कहना था कि उसके पास ये साबित करने के दस्तावेज़ और सबूत हैं कि 750 लोग मारे गए हैं और उसके पास मृतकों के नाम और उनकी मौत के कारणों की जानकारी है.

'अन्य शहरों की घेराबंदी ख़त्म करें'

एलीपो से मिल रही रिपोर्टों में कहा गया है कि रात में एकत्र हुए हज़ारों छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया. छात्र अपने-अपने छात्रावासों में एकत्र हुए थे.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छात्र सीरिया के अन्य शहरों - होम्स, डेरा और बानियास में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की सैनिकों द्वारा घेराबंदी ख़त्म किए जाने की मांग कर रहे थे.

एलीपो और दमिश्क में अब तक उस तरह के प्रदर्शन नहीं देखे गए हैं जिस तरह के प्रदर्शन अन्य शहरों में हुए हैं.

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने शहर के केंद्र से महाविद्यालयों को जाने वाली मुख्य सड़क को बंद कर दिया ताकि भीड़ शहर के केंद्र की तरफ़ न बढ़ें.

संबंधित समाचार