कुछ ग़लतियाँ हुईं: बशर अल-असद

असद इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption असद के बयान के साथ-साथ नागरिकों पर हमलों की ख़बरें भी आई हैं

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने माना है कि पूरे देश में दो महीने से चल रहे सरकार विरोधी आंदोलन के दौरान सुरक्षा बलों ने कुछ ग़लतियाँ की हैं और पुलिस अधिकारियों को नए सिरे से प्रशिक्षण दिया जाएगा.

सीरिया में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों में लगभग 800 लोग के मारे जा चुके हैं.

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी व्यापक राजनीतिक सुधारों के पक्ष में और बशर अल असद की सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. बशर अल असद का परिवार पिछले 40 साल से सीरिया में सत्ता में कायम है.

नागरिकों पर टैंकों से हमला

राष्ट्रपति असद के ताज़ा बयान को सीरियाई अख़बार अल वतन ने छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि हज़ारों पुलिस अधिकारियों को नए सिरे प्रशिक्षण दिया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति असद का बयान उस समय आया है जब बीबीसी को वहाँ आम नागरिकों पर सेना द्वारा किए गए हमलों की रिपोर्टें मिली हैं.

लेबनान में सीरियाई शरणार्थियों ने बीबीसी को बताया है कि वे टेल कालाख़ शहर में हो रही भीषण हिंसा से भागकर आए हैं.

इस शहर की पिछले कई दिनों से सेना ने घेराबंदी की हुई है.

शरणार्थियों का कहना है कि सेना ने टैंकों से उनके घरों पर हमले किए हैं और जब लोग भाग रहे थे तो उन्हें गोलियाँ लगी हैं.

लेबनान-सीरिया की सीमा से बीबीसी संवाददाता ओवेन बेनेट जोन्स का कहना है, "हज़ारों महिलाएँ और बच्चे इस शहर से भागकर लेबनान पहुँचे हैं. एक महिला ने अपनी एक रिश्तेदार के बारे में बताया जो भाग रही थी लेकिन फिर उसने अपनी गाय साथ ले जाने के लिए घर की ओर रुख़ किया पर सिर में गोली लगी."

उधर सीरिया की सरकार ने देश की सरकारी समाचार एजेंसी के ज़रिए कहा है कि ये हिंसा सशस्त्र गिरोह कर रहे हैं जो लेबनान से सीरिया में घुसे हैं.

लेबनान की राहत संस्थाएँ और आम निवासी शरणार्थियों को शरण के साथ-साथ भोजन और कपड़ा दे रहे हैं.

सीरिया में प्रभावशाली सरकार विरोधी वेबसाइट ने हड़ताल बुलाई थी लेकिन उसका ज़्यादा असर नहीं हुआ है.

संबंधित समाचार