इतिहास में आज का दिन

निक्सन ब्रेज़नेव
Image caption निक्सन की ब्रेज़नेव के पहले दिन हुई मुलाकात 105 मिनट चली थी.

साल 1971 में आज ही के दिन अमरीकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन एक सप्ताह की यात्रा पर सोवियत संघ की राजधानी मॉस्को पहुंचे.

हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए सोवियत संघ के लिए राष्ट्रपति निकोलाई पोडगोरनी और प्रधानमंत्री अलेक्सेई कोसीजिन तो थे लेकिन सोवियत संघ के सर्वोच्च नेता लिओनिद ब्रेज़नेव मौजूद नहीं थे.

इस यात्रा के दौरान कुछ समझौते हुए लेकिन शीत युद्ध के दो खेमों के प्रमुख देशों के बीच कटुता पर कोई दीर्घगामी प्रभाव नहीं पड़ा.

इस यात्रा के दौरान ब्रेज़नेव और निक्सन ने बीच परमाणु हथियारों की रेस रोकने की दिशा में एक संधि पर हस्ताक्षर किए, लेकिन दोनों मुल्कों के बीच वियतनाम और मध्य पूर्व से जुड़े मुद्दों पर कोई सहमती नहीं बन पाई.

1981 ब्रिटेन में 13 महिलाओं के हत्यारे को उम्रकैद की सज़ा

आज ही के रोज़ ब्रिटेन की एक अदालत ने यौन कर्मियों के सिलसिलेवार हत्यारे को तीस साल के सज़ा सुनाई थी. पीटर सटक्लिफ नाम का ये शख्स 'यॉर्कशायर रिपर' के नाम से जाना जाता था. इस आदमी को हत्या के 13 और हत्या के प्रयास के सात मामलों में दोषी पाया गया.

सटक्लिफ़ के ज़्यादातर शिकार यौनकर्मी थीं और उनके सिर के पास हमले किए गए थे. उनकी लाशें भी क्षत-विक्षत कर दी गईं थीं.

पुलिस को आपराधी को पकड़ने में छह साल लग गए. डॉक्टरों ने सटक्लिफ़ को गंभीर रूप से मानसिक अवसाद का रोगी पाया. उसे ये लगता था की उसने ये हत्याएं किसी दैवीय आदेश के तहत की हैं.

1987 मेरठ का हाशिमपुरा हत्याकांड

आज ही के दिन मेरठ में हिन्दू-मुस्लिम दंगों के दौरान शहर के मुसलमान बहुल हाशिमपुरा इलाके में उत्तर प्रदेश पुलिस के 19 जवानों ने 42 मुसलमान युवकों को शहर के बाहर ले जा कर गोलियां मार दीं और उनके शरीर नहर में फेंक दिए थे.

ये मामला तब प्रकाश में आया जब लाशें नहर से बाहर आने लगीं. साल 2000 में 19 दोषी सिपाहियों में से 16 ने आत्म समर्पण कर दिया.

साल 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुक़दमे के सालों तक लटकने के बाद इसे गाज़ियाबाद की अदालत से दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत में स्थानांतरित कर दिया जहाँ यह मामला आज भी लंबित है.

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