इतिहास में आज

नाज़ी
Image caption हिटलर की ख़ुफ़िया सेवा के उच्चतम अधिकारी हिमलर ने आज ही के रोज़ हिरासत में आत्महत्या की थी

वर्ष 1977 में आज ही के दिन उत्तरी हॉलैंड के एक प्राथमिक स्कूल में घुस आए उत्तरी मलूका मूल के चरमपंथियों ने छह शिक्षकों और सौ बच्चों को बंधक बनाया.

ठीक इसी समय उत्तरी मूल के कुछ अन्य लोगों ने ग्रोनिनजेन शहर में एक ट्रेन पर कब्ज़ा कर 50 से ज़्यादा यात्रियों को बंधक बना लिया.

हालाँकि शुरुआत में अपहरणकर्ताओं ने कोई मांग नहीं रखी लेकिन हॉलैंड के प्रधानमंत्री युप दान औउल ने अंदाज़ा लगाया कि अपहरणकर्ता अपने उन साथियों की रिहाई चाहते हैं जिन्हें कुछ साल पहले एक ट्रेन पर कब्ज़ा कर कई लोगों का अपहरण करने करने के जुर्म में पकड़ा गया था. आखिरकार हॉलैंड के सैनिकों ने एक बड़ी कमांडो कार्रवाई के बाद इस संकट को ख़त्म किया. इस संकट को सुलझाने करीब बीस दिन लग गए.

23 मई 1945 - हेनरिख हिमलर ने की आत्महत्या

आज ही रोज़ हिटलर की यहूदी विरोधी ख़ुफ़िया सेवा के प्रमुख हेनरिख हिमलर ने अंतरराष्ट्रीय संयुक्त सेनाओं की हिरासत में आत्महत्या कर ली. हिटलर के पुलिस विभाग और जर्मनी के आतंरिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख के रूप में हिमलर को 70 लाख से ज़्यादा यहूदी और रोमा समुदाय के लोगों की ह्त्या के अलावा लाखों कम्युनिस्टों ओर पोलिश समुदाय के लोगों कत्लों का ज़िम्मेदार माना जाता है.

दूसरे विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में जब उसकी हार तय हो गई तब हिमलर ने मित्र सेनाओं से जर्मनी के आत्मसमर्पण की पेशकश की. अंतर्राष्ट्रीय सेनाओं द्वारा पीछा किये जाने और साथियों द्वारा ठुकराए जाने के बाद हिमलर को भागते हुए ब्रिटिश सेनाओं ने गिरफ्तार कर लिया. पर हिमलर से पूछताछ के पहले उसने सईनाइड का कैप्सूल खा कर जान दे दी.

1844 में शीराज़ी ने किया महदी होने का दावा

बहाई सम्प्रदाय के महत्वपूर्ण धार्मिक व्यक्ति सैयद अली मुहम्मद शीराज़ी ने आज ही के दिन ईरान में घोषणा की थी कि वो ही अगले अवतार हैं. इस समय उनकी उम्र महज़ 24 साल की थी.

इसके बाद उन्होंने कई पत्र लिखे और कई किस्म की कानूनी व्याक्खयाएं कीं. बहुत ही कम अरसे में उनके हजारों समर्थक बन गए. आखिरकार उनका टकराव ईरान के शिया धम्रिक मत के मानने वालों के साथ हुआ और देश की सरकार ने उन्हें सजाए मौत दी और 30 साल की उम्र में उन्हें गोली मार दी गई.

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