इराक़ से ब्रितानी सैनिकों की वापसी

इराक में ब्रितानी सेना

इराक़ में ब्रिटेन का सैन्य अभियान रविवार समाप्त होने जा रहा है.

साल 2003 में शुरू हुए ब्रितानी ‘ऑपरेशन टेलिक’ के समापन की घोषणा कर दी गई है, जिसके बाद अब केवल चंद ही ब्रितानी सैनिक इराक़ में रह जाएंगें. ये सैनिक बग़दाद में मौजूद ब्रितानी दूतावास में तैनात रहेंगें.

‘ऑपरेशन टेलिक’ के तहत इराक़ में 46,000 ब्रतानी सैनिक मौजूद थे. हालांकि 2009 में ज़्यादातर ब्रितानी सैनिकों को बसरा से वापिस बुला लिया गया था. बसरा ब्रितानी सेना का मुख्य संचालन केंद्र था.

रविवार को इराक़ में आज वर्ष पुराने ब्रितानी अभियान का समापन हो रहा है. साल 2003 में सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने के लिए अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने वहां हमला किया था, जिसमें ब्रितानी सेना भी शामिल थी.

प्रशिक्षण

रविवार को रक्षा सचिव लियाम फ़ॉक्स ने इराक़ में मारे गए 179 सैनिकों को श्रद्धांजलि दी.

इराक़ में सामुद्रिक प्रशिक्षण से जुड़े ब्रतानी अभियान में तीन ब्रितानी सैनिक बग़दाद में तैनात थे और 81 रॉयल नौसेना के प्रशिक्षक उम कस्र में मौजूद थे.

ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ब्रितानी सैनिकों ने कुल 1,800 इराक़ी सैनिकों को प्रशिक्षण दिया जिसमें समुद्री प्रशिक्षण, छोटे हथियार से जुड़ा प्रशिक्षण और रखरखाव से जुड़ा प्रशिक्षण दिया गया.

हालांकि ब्रिटेन के 44 सैनिक अभी भी नेटो के प्रशिक्षण अभियान के तहत इराक़ में मौजूद हैं.

रक्षा सचिव लियाम फ़ॉक्स ने कहा, “रॉयल नौसेना के सैनिकों ने अपने साहस भरे हुनर और अपनी दक्षता का इस्तेमाल कर इराक़ी नौसेना में बदलाव लाने की शानदार कोशिश की है.”

उन्होंने कहा, “इराक़ी नौसेना को इराक़ की राष्ट्रीय जल संपत्ती और तेल संसाधन के बचाव के लिए एक अहम भूमिका निभानी होगी क्योंकि ये इराक़ी अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है. मुझे गर्व है ब्रितानी सैनिक ये भूमिका निपुणता से निभा पाए.”

इराक़ में प्रशिक्षण अभियान के निदेशक ब्रिगेडियर टिम चिकन ने कहा कि नौसेना प्रशिक्षण चर्चा से दूर ज़रूर रहा, लेकिन उसके परिणाम बेहद अहम हैं.

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