इतिहास के पन्नों में

इतिहास में 24 मई का दिन कई कारणों से याद किया जाएगा

1543: खगोलविद् कोपरनिकस का निधन

Image caption कोपरनिकस की मौत के बाद उनके सिद्धान्त की काफी आलोचना हुई.

पोलैंड के निकोलैस कोपरनिकस पहले यूरोपीय खगोलविद् थे जिन्होंने कहा कि पृथ्वी समेत सभी ग्रह सूरज के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते हैं.

लेकिन उनके इस सिद्धान्त के छपने से पहले ही 24 मई 1543 में उनकी मृत्यु हो गई.

हालांकि उसी साल के आखिर में उनकी छह किताबें छपीं जिनकी कई धार्मिक नेताओं ने आलोचना की.

कोपरनिकस ने ये भी कहा था कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है जिससे उसके अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदलता है.

1968: फ्रांसीसी राष्ट्रपति का अल्टिमेटम

फ्रांसीसी राष्ट्रपति शार्ल डी गॉल ने 1968 में तीन हफ्तों तक चले हिंसक प्रदर्शनों के बाद आज ही के दिन देश की जनता को एक अल्टीमेटम दिया.

टेलीविज़न के ज़रिए दिए गए इस संदेश में कहा गया कि या तो फ्रांस की जनता उनके सुधारों को मान ले या फिर वो इस्तीफा दे देंगे.

उस वक़्त फ्रांस के 80 लाख कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

आखिरकार अगले साल राष्ट्रपति शार्ल डी गॉल के सुधार नहीं माने गए और उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा.

1975: विदेशी पत्रकार रिहा हुए

दक्षिण वियतनाम की राजधानी सायगॉन से आज ही के दिन 1975 में 80 पत्रकारों और कैमरामैन को देश छोड़ने की अनुमति दी गई.

29 अप्रैल को वामपंथी बलों के हाथों दक्षिण वियतनाम की हार के बाद देश छोड़ पाने वाले ये पश्चिमी देशों के पहले कुछ नागरिक हैं.

ये लोग अमरीकी हेलिकॉप्टरों पर निकले. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आज के दिन इनके हेलिकॉप्टरों पर दक्षिण वियतनाम के नागरिकों ने भी चढ़ने की कोशिश की.

उस दौरान तीन दशकों के युद्ध के खत्म होने पर वामपंथी समर्थकों ने कई जगहों पर विजय यात्राएं निकालीं.

1976 में आखिरकार उत्तर और दक्षिण वियतनाम एक हुए और सायगॉन का नाम बदलकर हो ची मिन्ह रखा गया.

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