मुबारक और उनके बेटो पर मौत के मुक़दमे

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Image caption होस्नी मुबारक और उनके बेटों पर प्रदर्शनकारियों की मौत के संबंध में मुक़दमा चलेगा

मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति होस्नी मुबारक और उनके दो बेटों पर सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की मौत के संबंध में मुक़दमा चलाया जाएगा.

श्री मुबारक को इस साल के शुरु में हुए जन विद्रोह के बाद अपना पद छोड़ना पड़ा था और अब वो शर्म अल शेख़ के एक अस्पताल में हिरासत में हैं.

उन पर और उनकी पत्नी पर 30 साल की सत्ता के दौरान अवैध रूप से सम्पत्ति जमा करने के भी आरोप हैं.

उनके बेटे अला और जमाल धोखेबाज़ी के अभियोग में क़ाहिरा की तोरा जेल में बंद हैं.

मिस्र की सरकारी समाचार एजेंसी ने महाअभियोक्ता के हवाले से कहा," हुस्नी मुबारक, अला और जमाल पर 25 जनवरी को हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की इरादतन हत्या के अभियोग लगाए गए हैं".

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोग मारे गए थे.

बैंक खाते सील

होस्नी मुबारक 83 वर्ष के हैं और अप्रैल में उन्हे दिल की बीमारी के सिलसिले में शर्म अल शेख़ के सैनिक अस्पताल में दाख़िल कर दिया गया था.

उनकी पत्नी सूज़ान की भी दिल की बीमारी के लिए चिकित्सा जांच हुई है.

मुनाफ़ाख़ोरी के आरोपों के संबंध में उनसे पूछताछ की गई है.

मिस्र के सुधारवादियों का विश्वास है कि मुबारक परिवार ने सत्ता में रहते हुए अरबों डॉलर की सम्पत्ति जमा की है.

होस्नी मुबारक इन आरोपों का खंडन करते हैं और इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण भी सामने आए नहीं हैं.

फिर भी क़ाहिरा और स्विट्ज़रलैंड स्थित उनके बैंक खातों को सील कर दिया गया है.

जब से मिस्र में जनांदोलन शुरु हुआ तब से मुबारक काल के 20 से अधिक मंत्रियों और सरकार से नज़दीकी संबंध रखने वाले व्यापारियों को हिरासत में ले लिया गया है.

इस महीने के शुरु में भूतपूर्ण गृहमंत्री हबीब अल अदली को काले धन को सफ़ेद करने और मुनाफ़ाख़ोरी के जुर्म में 12 साल की जेल की सज़ा दी गई थी.

अदली पर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने का आदेश देने के भी आरोप हैं.

अगर ये साबित हो जाते हैं तो उन्हे मृत्युदंड भी मिल सकता है.

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