आईएमएफ़ प्रमुख यूरोपीय ही क्यों?

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Image caption नए प्रमुख को लेकर विवाद गहराया

अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पांच निदेशकों का कहना है कि संस्था को अपने नेता के चुनाव के तौर तरीक़ो को बदलना चाहिए.

उनका कहना है कि नया नेता ज़रूरी नहीं कि कोई यूरोपीय ही हो. पिछले सप्ताह अपने उपर बलात्कार के आरोप के बाद फ़्रांस के डोमनिक स्ट्रॉस कान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

परंपरागत तरीक़े से इस संस्थान का प्रमुख हमेशा ही एक यूरोपीय रहा है लेकिन पिछले सप्ताह डोमनिक स्ट्रॉस कान के इस्तीफ़े के बाद से यूरोप के बाहर के देशों ने ये मांग तेज़ कर दी है कि नया प्रमुख किसी उभरती हुई अर्थव्यवस्था से आना चाहिए.

अब मुद्रा कोष के पांच निदेशक जो कि ब्रिक्स देशों से आते हैं, मसलन- ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका, इन सब ने एक साझा बयान जारी किया है.

यूरोपीय प्रमुख की परंपरा बेमानी

उनका कहना है कि हमेशा यूरोपीय देशों से प्रमुख चुनने की परंपरा अब मायने नहीं रखती और इसीलिए इसे हटा देना चाहिए.

उनका ये भी कहना है कि मुद्रा कोष के प्रुमख का चुनाव उसकी नागरिकता के आधार पर करना इस संस्थान की वैधता को भी कम कर देता है.

उभरती आर्थिक शक्तियों की तरफ़ से आया ये बयान यूरोप को सीधा चुनौती देने वाला है.

वॉशिंटन से बीबीसी के संवाददाता टॉम बरिज के भेजे ब्यौरे के अनुसार कई यूरोपीय देशों के नेता ने अगले प्रमुख के पद पर फ़्रांस के क्रीसटीन लगारदे की उम्मीदवारी पर अपनी मुहर लगा दी है.

अगर ब्रिक्स देशों ने उभरती अर्थव्यवस्था के किसी उम्मीदवार पर अपनी सहमति जता दी तो ये 24 सदस्यों वालों अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के कार्यकारिणी बोर्ड के लिए मुश्किल फ़ैसला बन जाएगा.

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