जर्मनी मे सामान्य हो रहा है हवाई यातायात

आइसलैंड का ज्वालामुखी
Image caption ज्वालामुखी की राख ने कई देशों को अपनी गिरफ़्त में लिया

आइसलैंड के ज्वालामुखी से उठ रही राख के कारण जर्मनी के दो हवाई अड्डे 12 घंटे बंद रहने के बाद अब फिर खोल दिए गए हैं.

आइसलैंड के ज्वालामुखी से उठने वाले राख के बादल उत्तर पूर्व यूरोप में पहुँच गए हैं जिसके कारण जर्मनी के हवाई अड्डों को बंद करना पड़ा था.

बर्लिन के बंद हवाई अड्डों को जल्दी ही खोल दिया जाएगा.

इससे पहले मंगलवार को ब्रिटेन में इसकी वजह से करीब पाँच सौ उड़ानों को रद्द किया गया.बुधवार को राख के बादल पूर्व की ओर बढ़े हैं जिसकी वजह से उत्तरी जर्मनी में ब्रेमेन और हैम्बर्ग को जाने और आने वाली उड़ानें भी रद्द कर दी गई थीं.अब ब्रेमेन और हैम्बर्ग से उड़ाने फिर शुरु हुई हैं.

जर्मनी के यातायात मंत्रालय ने संभावित ख़तरों को देखते हुए कड़े क़दम उठाए हैं इसलिए उत्तरी जर्मनी के ऊपर की वायु सीमाओं को उड़ानों के लिए ख़तरनाक माना गया है और इस क्षेत्र के दो बड़े हवाई अड्डों से जाने और आने वाली सुबह की उड़ानों को रोक दिया गया है.

बर्लिन के दो हवाई अड्डे भी बंद कर दिए गए थे लेकिन इन्हें भी जल्दी शुरु कर दिया जाएगा.

उड्डयन उद्योग में बेचैनी

जर्मनी के हवाई अड्डे बंद करने के फैसले की वजह से उड्डयन उद्योग में बेचैनी फैल गई थी. किसी एयरलाइंस ने सार्वजनिक रूप से इस प्रतिबंध की निंदा की लेकिन जर्मन हवाई अड्डा संगठन के प्रमुख ने कहा है कि ऐसा लगता है कि जर्मन नियम यूरोप के अन्य देशों के नियमों की तुलना में भिन्न हैं.

उनका कहना था कि पूरे यूरोप का आकाश एक हैं इसलिए पूरे यूरोप के लिए एक नीति होनी चाहिए.

फ़्राँस के नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि वह वहाँ के हवाई यातायात में व्यवधान की बहुत कम संभावना देख रहे हैं और वहाँ किसी वायु सीमा को बंद किए जाने की बहुत कम संभावना है.

ब्रिटेन के मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार समाप्त होते होते ब्रिटेन की वायु सीमा से ज्वालामुखी की राख की सघनता बहुत कम हो जाएगी.

यूरोपीय संघ के यातायात आयुक्त सिम कालस का कहना है कि इस बार हम पिछली बार की तरह व्यापक अवरोधों और हवाई सीमाओं के बंद होने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं.

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