पूर्वी चीन के नगर फ़ूज़ाऊ में बम धमाके

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Image caption पिछले साल दिसंबर में चीन के गुइज़ो प्रांत में धमाका हुआ था

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि पूर्वी प्रांत जियांग्क्षी में सरकारी इमारतों के पास हुए कई बम धमाकों में दो लोग मारे गए हैं और छह अन्य घायल हो गए हैं..

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार फ़ज़ाऊ शहर में हुए इन धमाकों में कई लोग घायल हुए हैं.

कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रांत के सरकारी वकील के दफ़्तर और कम से कम एक और सरकारी इमारत के बार कार बम धमाके हुए हैं.

फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि इन धमाकों का क्या कारण है और इन्हें किस संगठन ने अंजाम दिया है.

जियांग्क्षी प्रांत के ट्रैफ़िक रेडियो के अनुसार कुछ ही देर की अंतराल के बाद दो कारों में धमाके हुए.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हवा ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा है कि घटनास्थल के आसपास स्थित इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, शीशे टूट गए हैं और एक कार पूरी ध्वस्त हो गई जबकि दस अन्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं.

प्रशासन ने घायल हुए अनेक लोगों को अस्पतालों तक पहुँचाने के लिए अनेक एंबुलेंसों को काम पर लगाया है.

ग़ौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में उत्तर-पश्चिमी प्रांत गान्सू में एक बैंक पर हुए एक पेट्रोल बम हमले में कई लोग घायल हो गए थे.

चीन में धमाके

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Image caption चीन सरकार धमाके की इस घटना को बहुत तूल नहीं देने का प्रयास कर रही है

बीबीसी के चीनी विभाग के प्रमुख रेमंड ली का कहना है कि चीन में सिलसिलेवार बम हमले होने की घटना बहुत दुर्लभ घटना है, ख़ासतौर से जिसमें सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया हो.

वैसे चीन में पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के कुछ हमले हुए हैं मगर वे व्यक्तिगत कारणों से हुए जिनमें मुख्यतः लोगों का व्यावसायिक भवनों को निशाना बनाया गया.

इस बार भी ऐसी ख़बरें आईं हैं कि इन बम हमलों के पीछे एक स्थानीय किसान का हाथ है जिसके एक क़ानूनी मामले की अभियोजक कार्यालय में समीक्षा हो रही है.

वैसे लगता है कि चीनी अधिकारी लोगों में दहशत के फैलने से बचने के लिए इस धमाके की ख़बर को अधिक तूल नहीं देना चाहते.

धमाकों के बारे में स्थानीय अधिकारी एक संवाददाता सम्मेलन करनेवाले थे मगर उसे अंतिम मौक़ों पर रद्द कर दिया गया.

साथ ही सभी बड़ी वेबसाइटों को धमाकों पर तैयार विशेष रिपोर्टों को हटा लेने का निर्देश दिया गया है.

मगर चीन के कई छोटे वेबसाइट इन घटना पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ प्रकाशित कर रहे हैं और उनमें अधिकतर लोगों ने हमलावर के लिए सहानुभूति जताई है.

जानकारों का मत है कि इस बार जैसे सुनियोजित हमले हुए हैं उससे बड़ी संख्या में ज़मीन और दूसरे तरह के विवादों से जूझ रही चीन सरकार की चिंता बढ़ेगी.

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