अमरीका पाकिस्तान से अपने सैनिक हटाएगा

पाकिस्तान में ड्रोन हमले
Image caption पेंटागन पाकिस्तानी माँग के आगे झुका

अमरीका की सेना ने पाकिस्तान से अपने कई सैनिकों को हटाने की घोषणा की है. पेंटागन का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार ने उससे अनुरोध किया है कि वह उनके देश में अपनी उपस्थिति को कम करे.

पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले दो सप्ताहों में पाकिस्तान ने अमरीकी सेना से कहा है कि वहाँ पर अपने पद चिन्हों को कम करे और अमरीका ने कुछ सैनिकों को वापस बुलाने का फ़ैसला कर उनकी बात मान ली है. हाँलाकि बुलाए गए सैनिकों की संख्या काफ़ी कम है.

अमरीका के पाकिस्तान में 200 से ऊपर सैनिक हैं जो पाकिस्तानी सेना को प्रशिक्षण देने में सहायता दे रहे हैं. इनमें से ही कुछ लोग वापस लौटेंगे.

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान में गुप्त तौर पर काम कर रहे अमरीका के ख़ुफ़िया और विशेष ऑप्रेशन बलों को भी वहाँ से हटाया जा रहा या नहीं.

यह अनुरोध उस अमरीकी कमाँडो हमले के बाद आया है जिसमें ओसामा बिन लादेन मारे गए थे.

पाकिस्तान का असंतोष

ताज़ा घटनाक्रम को पाकिस्तान के असंतोष के तौर पर देखा जा रहा है. जिस तरह से यह हमला उसकी जानकारी के बिना हुआ है पाकिस्तान ने उसे पसंद नहीं किया है.

वॉशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच हमेशा जटिल और नाज़ुक संबंध रहे हैं लेकिन इस समय इन संबंधों में काफ़ी उतार चढ़ाव आ रहे हैं.

वॉशिंगटन में यह संदेह सर्वव्याप्त है कि पाकिस्तान में कुछ लोगों को ओसामा बिन लादेन के वहाँ रहने के बारे में पता था. पाकिस्तान को दी जाने वाली सैनिक सहायता पर भी वहाँ काफ़ी नाक भौं सिकोड़ी जा रही है.

शिकागो में चल रहे मुक़दमे से भी पाकिस्तानी ख़ुफ़िया तंत्र और हिंसक उग्रवादी संगठनों के बीच संबंधों पर रोशनी पड़ सकती है.

पाकिस्तानी राष्ट्रपति हाल ही में चीन हो कर आए हैं. उन्होंने लड़ाकू विमानों की ख़रीदारी कर जिस तरह से चीन के साथ सामरिक गठजोड़ की पुष्टि की है, अमरीका की चिंताएं इससे बढ़ी ही हैं.

संबंधित समाचार