'लीबिया को अंजाम तक पहुँचाएँगे'

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Image caption जी-8 शिखर सम्मेलन पेरिस में हो रहा है

फ्रांस में आठ प्रमुख देशों के संगठन जी-8 की शिखर बैठक में लीबिया का 'अधूरा काम' पूरा करने का संकल्प व्यक्त किया गया है.

इस बैठक में अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन तब तक नहीं हो सकता जब तक कि कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता में बने रहेंगे.

जी-8 की ओर से नवलोकतांत्रिक अरब देशों के लिए आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा किए जाने की भी संभावना है.

फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सर्कोज़ी के साथ मुलाक़ात के बाद बराक ओबामा ने लीबिया के अधूरे काम को पूरा करने की बात कही, इससे पहले लंदन में ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से मुलाक़ात में भी उन्होंने ऐसी ही बातें कही थीं.

सर्कोज़ी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि लीबिया में प्रगति हुई है लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन तभी हो सकता है जबकि कर्नल गद्दाफ़ी और उनके सैनिक आम नागरिकों को निशाना बनाने की स्थिति में न रह जाएँ.

उन्होंने कहा कि अधूरे काम को पूरा करने के लिए दोनों देश कृतसंकल्प हैं. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि काम को पूरा किस तरह किया जाएगा, ब्रिटेन ने अपने लड़ाकू हेलिकॉप्टरों का हमलों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है जबकि फ्रांस ने अपने 12 लड़ाकू हेलिकॉप्टर लीबिया की लड़ाई में लगाने की घोषणा पहले ही की है.

संभावना व्यक्त की जा रही है कि जी-8 के नेता बीस अरब डॉलर की आर्थिक सहायता उन देशों को देंगे जहाँ लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारी वर्षों से जमे शासकों को सत्ता से हटाने में कामयाब रहे हैं, जी-8 की बैठक से ठीक पहले अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक विकास ही बड़ी संख्या में लोगों के लिए नए अवसर लेकर आएगा, ख़ास तौर पर उस क्षेत्र के नौजवानों के लिए.

ट्यूनिशिया और मिस्र के नए नेता फ्रांस में अमरीकी राष्ट्रपति और जी-8 के अन्य नेताओं से मुलाक़ात करने वाले हैं.

अभी इस सहायता के बारे में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है और यह स्पष्ट नहीं है कि यह सहायता किस तरह के कामों में मदद करने के लिए है और इसमें पहले से घोषित रक़म शामिल है या नहीं.

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