यमन में हवाई बमबारी

Image caption सालेह से सत्ता छोड़ने की अपील

यमन में प्रदर्शनकारियों के साथ चल रहे टकराव में सरकारी सेना के ख़िलाफ़ लड़ने वाले एक बड़े कबायली नेता ने युद्धविराम की घोषणा की है.

शेख़ सादिक़ अल अमार ने कहा है कि वे शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते रहेंगे.

शेख़ सादिक़ ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ के सामने अपने फ़ैसले का ऐलान करते हुए कहा कि अगर राष्ट्रपति सालेह युद्ध चाहते हैं तो वे युद्ध से भी पीछे नहीं हटेंगे.

सरकारी सैनिकों के साथ टकराव में मारे गए अपने तीस समर्थकों के अंतिम संस्कार के दौरान शेख़ अमार ने यह घोषणा की, पिछले कई दिनों से राष्ट्रपति अब्दुल्ला सालेह के वफ़ादार सैनिकों और शेख़ अमार के समर्थकों के बीच ज़ोरदार हिंसक संघर्ष चलता रहा है.

इसके अलावा एक अन्य क़बायली नेता ने कहा है कि उनके समर्थकों ने राजधानी सना के बाहर एक सैनिक ठिकाने पर कब्ज़ा कर लिया है, कई सैनिकों को बंधक बना लिया गया है और भारी मात्रा में उपकरण, हथियार और गोला-बारूद उनके कब्ज़े में आ गया है.

ऐसी ख़बरें भी मिल रही हैं कि सरकारी लड़ाकू विमानों ने इन विद्रोहियों को निशाना बनाने के लिए सैनिक ठिकाने पर हवाई हमले किए हैं.

यमन में राष्ट्रपति अब्दुल्ला सालेह ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है, जिससे वहाँ स्थिति काफ़ी जटिल हो गई है और गृह युद्ध को टालने की संभावनाएँ धूमिल पड़ गई हैं.

शुक्रवार को राष्ट्रपति सालेह के समर्थकों और विरोधियों, दोनों पक्षों ने बड़ी रैलियाँ आयोजित करने की घोषणा की है जिनमें टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

दोनों पक्ष एक दूसरे को दोषी बता रहे हैं और उनका कहना है कि अगर हिंसा नहीं रुकी देश को गृह युद्ध से बचाना असंभव हो जाएगा.

पिछले एक सप्ताह में इस तरह के संघर्षों में 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

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