मुबारक सहित तीन पर जुर्माना

होस्नी मुबारक इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption होस्नी मुबारक को इस साल के शुरु में हुए व्यापक जनआंदोलन के बाद पद छोड़ना पड़ा था

मिस्र में सरकार विरोधी आंदोलन के दौरान मोबाइल और इंटरनेट सेवाएँ बाधित करने के लिए एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक और दो पूर्व अधिकारियों पर नौ करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया है.

जिन दो पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है वे पूर्व प्रधानमंत्री अहमद नाज़िफ़ और पूर्व गृहमंत्री हबीब अल-अदली हैं.

होस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ ये अदालत का ये पहला फ़ैसला है.

उन पर अदालत में और गंभीर आरोपों में मुक़दमे चल रहे हैं जिसमें प्रदर्शनकारियों को मारने के आदेश शामिल हैं. अगर वे दोषी साबित होते हैं तो उन्हें मौत की सज़ा भी हो सकती है.

83 वर्षीय होस्नी मुबारक़ इन दिनों क़ैद में हैं लेकिन बीमार होने की वजह से वे शर्म अल-शेख़ के एक अस्पताल में रखे गए हैं.

कई आरोप

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारी मारे भी गए थे

होस्नी मुबारक से इस मामले में भी पूछताछ की जा रही है कि अपने शासन के तीन दशक में उन्होंने और उनके परिवार ने बहुत धन अर्जित किया.

उनके पद से हटने के बाद से उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और व्यावसायियों सहित कुल 20 लोग हिरासत में ले लिए गए हैं.

पिछले हफ़्ते ही पूर्व गृहमंत्री हबीब अल-अदली को कालेधन को सफ़ेद करने और अनधिकृत लाभ अर्जित करने के आरोप में 12 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

शनिवार को अदालत के फ़ैसले में एक बार फिर उन पर जुर्माना किया गया है.

उन पर ये आरोप भी है कि उन्होंने सेना को आदेश दिए कि वह प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए. अगर वे दोषी पाए गए तो उन्हें भी मौत की सज़ा हो सकती है.

मिस्र की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार होस्नी मुबारक और उनके बेटों अला और गमाल पर कुछ प्रदर्शनकारियों को सोच समझकर मारने का आरोप है.

संबंधित समाचार