'बेल्लारी बंधुओं की संरक्षक नहीं हूं'

सुषमा स्वराज
Image caption सुषमा स्वराज ने कहा कि बेल्लारी बंधुओं को मंत्री बनाने में उनका कोई हाथ नहीं है.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बेल्लारी बंधुओं के संरक्षक होने के आरोप का खंडन किया है. ऐसे आरोप लगते हैं कि सुषम स्वराज कर्नाटक बीजेपी के जर्नादन रेड्डी, करुणाकर रेड्डी और सोमशेखर रेड्डी को संरक्षण देती रही हैं.

ये तीनों भाई कर्नाटक के बेल्लारी से आते हैं और तीनों ही बीएस येदयुरप्पा सरकार में मंत्री हैं और इन्हें मीडिया में बेल्लारी बंधुओं के नाम से भी जाना जाता है.

ग़ौरतलब है कि 1999 में सुषमा स्वराज ने बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था. तभी से उनके और बेल्लारी बंधुओं के बीच नज़दीकियों के चर्चे रहे हैं.

लेकिन सुषमा स्वराज ने अब बेल्लारी बंधुओं से क़रीबी संबंधों की बात को नकार दिया है.

बेल्लारी बंधु कर्नाटक की राजनीति में काफ़ी चर्चित रहे हैं. साल 2009 में इन भाईयों के विद्रोह के बाद भाजपा सरकार गिरते-गिरते बची थी.

इन भाईयों पर बेल्लारी में अवैध खनन के आरोप भी लगते रहे हैं.

'मेरा कोई हाथ नहीं'

सुषमा स्वराज ने भारतीय पत्रिका आउटलुक को बताया, "सच्चाई में आज आपको बता देती हूं. बेल्लारी ब्रदर्स की पॉलिटिकल मेकिंग में मेरा इतना भी हाथ नहीं है. शून्य प्रतिशत भी हाथ नहीं है. उनको मंत्री बनाने, विभाग दिलाने और उनके राजनीतिक वर्चस्व में कभी मेरी कोई भूमिका नहीं रही. "

जनार्दन रेड्डी और करुणाकर रेड्डी येदयुरप्पा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं जबकि सोमशेखर एक सरकारी संस्था के प्रमुख हैं और उन्हें मंत्री का स्तर हासिल है.

सुषमा स्वराज ने आउटलुक को बताया है कि उन्होंने तो रेड्डी बंधुओं को मंत्रीमंडल में शामिल किए जाने का विरोध किया था.

'राजनीतिक मजबूरियां'

स्वराज ने आउटलुक को बताया कि जब बेल्लारी बंधुओं को मंत्री बनाया गया था तब अरुण जेटली राज्य के प्रभारी थे और येदयुरप्पा मुख्यमंत्री थे, साथ ही अनंत कुमार, वैंकेय्या नायडू जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. उन्होंने कहा कि इस विषय पर जो भी बातचीत हुई वो इन्हीं लोगों के बीच हुई और उनका इसमें कोई हाथ नहीं था.

इस बीच अरुण जेटली ने दिल्ली में सुषमा स्वराज के बयान पर पूछे गए सवाल को नज़रअंदाज़ किया है.

उन्होंने आउटलुक को बताया, "मैं एक परिवार के तीन सदस्यों को मंत्री बनाने के विरुद्ध थी लेकिन उन्होंने कुछ राजनीतिक मजबूरियों की वजह से उन्हें मंत्री पद दे दिया."

स्वराज ने ये स्वीकार किया कि जब 2009 में कर्नाटक बीजेपी सरकार में विद्रोह हो गया था तब उन्होंने बेल्लारी बंधुओं से बात की थी लेकिन उन्हें ऐसा करने के लिए उस समय के पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और अरुण जेटली ने कहा था.

स्वराज ने कहा कि वे बेल्लारी बंधुओं से साल में एक बार वरमालक्ष्मी पूजा के दिन मिलती हैं.

उधर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदयुपरप्पा ने कहा है कि मुख्यमंत्री के तौर पर रेड्डी बंधुओं को सरकार में शामिल करने का फ़ैसला उनका है.

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