दो सीरियाई शहरों पर टैंकों से हमला, यमन से विरोधाभासी ख़बरें

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Image caption मार्च से प्रदर्शनकारियों पर हो रही सख़्ती के बावजूद रास्तान-तलबीसा में विरोध जारी है

मध्य सीरिया में सरकारी फ़ौज ने टैंक इस्तेमाल करते हुए होम्स के पास स्थिति दो शहरों में प्रदर्शनकारियों पर हमले किए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं जबकि एक सीरियाँ परिवार के मुताबिक दस लोग मारे गए हैं. अनेक लोग घायल हैं.

वहाँ सरकार की सख़्ती और मार्च से लगभग 1000 सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

सीरियाई प्रदर्शनकारी राजनीतिक सुधारों को शुरु करने और बशर अल असद के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. पिछले कई दशकों से राष्ट्रपति बशर अल-असद का परिवार वहाँ सत्ता में बना हुआ है.

दूसरी ओर दक्षिणी यमन में सशस्त्र लोगों ने ज़िनजीबार शहर पर कब्ज़ा कर लिया है.

जहाँ सरकार का कहना है कि संदिग्ध अल क़ायदा लड़ाकों ने दो दिन तक चले भीषण संघर्ष के बाद ऐसा किया वहाँ राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के विरोधियों ने कहा है कि सरकार इस शहर से जानबूझकर हट गई है ताकि वहाँ सेना या इस्लामी गुटों के प्रभाव के डर को हवा दे सके.

यमन में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के इस्तीफ़े की मांग हो रही है लेकिन वे ऐसा करने से बच रहे हैं.

रास्तान और तलबीसा की घेराबंदी

बेरूत से बीबीसी संवाददाता जिम मोयर का कहना है कि सीरिया में सरकारी सैनिकों और टैंकों ने रास्तान और तलबीसा शहरों को घेर लिया है और इन शहरों का बाक़ी के देश से संपर्क टूट गया है.

ये शहर राजधानी दमिश्क के उत्तर में स्थित है और विदेशी पत्रकारों को वहाँ जाने की इजाज़त नहीं है. बीबीसी संवाददाता जिम मोयर ने ज़मीन पर सक्रिय सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं और इंटरनेट पर अपलोड की गई सामग्री के आधार पर जानकारी एकत्र की है.

रिपोर्टों के अनुसार नागरिकों पर हुए भीषण हमलों में टैंकों से गोलाबारी हुई है और कई धमाके हुए हैं.

कई घरों में सैनिक दाख़िल हो गए और लोगों को हिरासत में लिया गया है.

अपुष्ट ख़बरों के अनुसार रास्तान के बाहर सैन्य हेलिकॉर्टर उड़ानें भर रहे हैं और शहर के बाहर के सैन्य नाके पर कम से कम दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

रास्तान और तलबीसा में मार्च से ही कड़ी कार्रवाई के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोधियों के सूत्रों के अनुसार अक़सर रात में देश के अनेक हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं चाहे सुरक्षा बल लोगों को कई शहरों और नगरों में छापे मारकर हिरासत में ले रहे हैं.

ज़िनजीबार पर विरोधाभासी ख़बरें

दूसरी ओर यमन से विरोधाभासी ख़बरें आ रही हैं. यदि सरकार और कुछ नागरिकों की मानें तो दक्षिणी यमन में ज़िनजीबार शहर पर अल क़ायदा लड़ाकों का कब्ज़ा हो गया है.

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Image caption राजधानी सना में राष्ट्रपति सालेह के इस्तीफ़े की मांग पर ज़बरदस्त प्रदर्शन हुए हैं

लेकिन राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के विरोधियों का कहना है कि वे इस्तीफ़ा देने से बचने के लिए सेना या इस्लामी लड़ाकों के कब्ज़े वाली बातों को हवा दे रहे हैं.

हाल में राजधानी सना में सरकारी सैनिकों और क़बायली नेता शेश सादिक़ अल अहमार के लड़ाकों की बीच हुई झड़पों में 124 लोग मारे गए हैं.

उधर जिनजीबार से आ रही ख़बरों में कहा गया है कि शुक्रवार और शनिवार को हुई भीषण गोलीबारी में वहाँ 16 लोग मारे गए हैं.

वहाँ पर लड़ाकों और अल क़ायदा की मौजूदगी पर एक पर्यवेक्षक ने बीबीसी को बताया है कि दरअसल वहाँ ये लड़ाके राष्ट्रपति सालेह को पहले समर्थन देते थे लेकिन अब उनके विरोधी बन गए हैं.

जहाँ दक्षिणी यमन में अरबी प्रायद्वीप में अल क़ायदा नाम का संगठन सक्रिय है वहीं वह इलाक़ा लंबे समय से अलगाववादी विद्रोह का केंद्र भी रहा है. इसलिए फ़िलहाल स्पष्ट तौर पर वहाँ स्थिति के बार में अनुमान लगाना कठिन है.

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