इतिहास के पन्नों से

अगर इतिहास में पीछे मुड़ कर देखा जाए, तो 31 मई को कई ऐसी घटनाएं घटी जिन्होंने देशों के राजनीतिक ढांचों को बदल दिया. जहां वियतनाम में दक्षिणी वियतनाम के शासन के विरोध में एक बौद्ध युवती ने खुद को आग लगा कर मार डाला.

वहीं अमरीका में साम्यवाद का मुद्दा चर्चा में बना हुआ था और सरकार की कड़े रुख़ का शिकार बने थे चर्चित नाटककार आर्थर मिलर.

1966: वियतनाम की बौद्ध युवती ने खुद को आग लगाई.

Image caption इस तस्वीर ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी थी

इसी दिन दक्षिणी वियतनाम के शासन के विरोध में ह्यू शहर में एक 17 साल की युवती ने ख़ुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

ग़ौरतलब है कि वियतनाम में तीन दिनों में ये ऐसी पांचवी मौत थी. इससे पहले एक 19 वर्षीय युवती और एक महंत ने आत्महत्या कर ली थी.

इससे पहले साल 1963 में क्वैंग डक नाम का एक बौद्ध महंत तब चर्चित हो गए जब दक्षिणी वियतनाम के शासन के विरोध में खुद को आग लगाते हुए उनकी तस्वीरें खींच ली गईं.

दरअसल बौद्ध समुदाय वहां की सैन्य सरकार की अगुवाई कर रहे प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रहा था.

इस बीच वियतनाम में बौद्ध धर्मगुरु थिच थियेन मिन ने अपनी समुदाय से अपील की कि वे आत्महत्या जैसा सख्त क़दम उठा कर ख़ुद का बलिदान न करें.

उन्होंने सरकार से मिलकर प्रशासन में अधिक नागरिक प्रतिनिधियों को शामिल करने की अपील भी की.

1957: चर्चित नाटककार आर्थर मिलर को अवमानना का दोषी पाया गया

Image caption आर्थर मिलर के वकील का कहना था कि वे कभी साम्यवादी पार्टी के सदस्य नहीं थे

31 मई के दिन अमरीकी नाटककार आर्थर मिलर को अमरीकी संसद की अवमानना का दोषी पाया गया था.

उन पर आरोप लगे कि वे एक साम्यवादी षड़यंत्र का हिस्सा थे, जिसके तहत अमरीकी पासपोर्ट का ग़लत इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी.

जांच के दौरान हॉलीवुड स्टार मैरिलिन मनरो के पति आर्थर मिलर ने उन कथित साम्यवाद लेखकों का नाम बताने से इनकार कर दिया जिनके साथ उन्होंने न्यूयॉर्क में कई बैठकों में भाग लिया था.

केस की सुनवाई के दौरान उनके वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल से पूछे जाने वाले सवालों का पासपोर्ट मामले से कोई लेना देना ही नहीं था.

सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने कहा कि आर्थर मिलर 1943 में साम्यवादी पार्टी का हिस्सा बने थे, लेकिन मिलर के वकील का कहना था कि वे कभी उस पार्टी के सदस्य रहे ही नहीं.

इस केस की सुनवाई के दौरान काफ़ी बवाल हुआ और आखिरकार मिलर पर संसद की अवमानना का आरोप लगाया गया.

अमरीका में कई पक्षों का कहना था कि सरकार का साम्यवाद को लेकर जो वहम बना था, वो नागरिकों की निजी ज़िदगियों में दखलंदाज़ी थी.

1985: इंग्लिश फ़ुटबॉल क्लब पर प्रतिबंध लगा

Image caption हादसे के लिए लिवरपूल के प्रशंसकों को ज़िम्मेदार ठहराया गया था

इसी दिन फ़ुटबॉल एसोसिएशन ने इंग्लिश क्लबों के यूरोप में खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया था.

दरअसल मई के महीने में ब्रुसल्स में एक स्टेडियम की दीवार गिरने से 39 लोगों की मौत हो गई थी और 400 लोग घायल हुए थे.

लिवरपूल और जुवेंटस के बीच चल रहे फ़ाइनल फ़ुटबॉल मैच के दौरान लोग इतने उत्साहित हो गए कि वहां विरोधी टीमों के प्रशंसकों के बीच झगड़े शुरु हो गए.

इस हादसे के बाद फ़ुटबॉल एसोसिएशन ने फ़ैसला किया कि यूरोप में इंग्लिश क्लबों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.

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