सीरिया में 11 की मौत, यमन में भी हिंसा

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Image caption सीरिया में विरोध प्रदर्शन जारी है लेकिन बशर अल-असद सत्ता छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं.

सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश के मध्य में स्थित शहर होम्स में सुरक्षा बलों ने 11 लोगों को मार दिया है.

उधर यमन में भी सुरक्षा बलों की गोली से 11 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की ख़बर है.

सीरिया में सरकार के विरोधियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने रास्तान और तलबिसा शहर पर टैंकों से हमले किए हैं.

लोगों का कहना है कि वहां कितने लोग मारे गए इसके बारे में जानकारी देना मुश्किल है क्योंकि मारे गए लोगों या ज़ख़्मियों तक पहुंचना आसान नहीं है.

सरक्षा बल लगातार बमबारी कर रहें हैं और स्नाईपर से गोलियां चला रहें हैं.

लेकिन सीरिया में सरकारी अधिकारियों का कहना है कि हथियारबंद चरमपंथियों का पीछा कर रहे चार सैनिक मारे गए हैं.

सीरियाई प्रदर्शनकारी राजनीतिक सुधारों को शुरु करने और बशर अल-असद के इस्तीफ़े की मांग कर रहें हैं.

पिछले कई दशकों से राष्ट्रपति बशर अल-असद का परिवार वहाँ सत्ता में बना हुआ है.

यमन

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सरकार की तरफ़ से हफ़्तों तक दमन की कार्रवाई के बावजूद सीरिया के अधिकतर इलाक़ो में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं.

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Image caption यमन में भी हिंसा जारी है. विरोधियों ने शुक्रवार को सना में विशाल प्रदर्शन किया.

उधर यमन में मेडिकल अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति अली अबदुल्लाह सालेह के वफ़ादार सैनिकों ने दक्षिणी शहर तायज़ में रविवार की रात सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए हैं.

शहर के एक डॉक्टर ने बीबीसी को बताया कि सैकड़ों लोग ज़ख़्मी हो गए हैं. डॉक्टर के अनुसार सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों के कैंपों को उजाड़ दिया, उनके तंबुओं को जला दिया, उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर गोलीबारी की.

उसके बाद बुलडोज़रों ने उस पूरे इलाक़े को लोगों से ख़ाली करा दिया.

दूसरी तरफ़ दक्षिणी तटीय शहर ज़िनजीबार में चार सैनिकों के मारे जाने की ख़बर है. कुछ सशस्त्र लोगों ने ज़िनजीबार शहर को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है.

यमन में सरकार का कहना है कि संदिग्ध अल-क़ायदा लड़ाकों ने दो दिन तक चले भीषण संघर्ष के बाद शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है लेकिन राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के विरोधियों का कहना है कि सरकार इस शहर से जानबूझकर हट गई है ताकि वहां सेना या इस्लामी गुटों के प्रभाव के डर को हवा दे सके.

यमन में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के इस्तीफ़े की मांग कर रहें है लेकिन वे ऐसा करने से बच रहे हैं.

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