जैकब ज़ूमा लीबिया में शांति अभियान पर

ज़ूमा
Image caption ज़ूमा की लीबिया यात्रा का एक मक़सद ग़द्दाफ़ी को सत्ता से हटाना भी बताया जा रहा है

लीबिया विवाद के कूटनीतिक हल की तलाश में दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा लीबिया की राजधानी त्रिपली पहुंच गए हैं.

ज़ूमा लीबियाई नेता कर्नल ग़द्दाफ़ी से बातचीत करके लीबिया मामले के निपटारे की कोशिश करेंगे.

लेकिन अभी ये स्पष्ट नहीं है कि लीबियाई नेता कर्नल मुअम्म्रर ग़द्दाफ़ी को सत्ता से बाहर कर सुरक्षित रास्ता दिखाने पर कोई बातचीत होगी या नहीं.

जैकब ज़ूमा के प्रवक्ता का यह कहना है कि अपनी लीबिया यात्रा में वह दो मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

एक तो लीबिया में तुरंत युद्ध विराम हो और दूसरा मानवीय राहत सामग्री के वितरण के लिए सुरक्षित रास्ता मिले.

हालंकि प्रवक्ता ने इस बात से इंकार किया है कि ग़ददाफ़ी को सुरक्षित रास्ता देने पर कोई बात हो सकती है.

अगर लीबिया में शांति के लिए किए जा रहे कूटनीतिक प्रयास कहीं नहीं पहुंच पाए तो माना जा रहा है कि नेटो लीबिया में हमले और तेज़ करने पर विचार करेगा.

रविवार को ज़ूमा की सत्ताधारी अफ़्रीकी नैशनल कांग्रेस पार्टी ने लीबिया पर नेटो के हवाई हमलों की निंदा की थी.

नेटो ने लीबिया को उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित करके मार्च में कर्नल ग़द्दाफी़ के सैनिकों पर हमलों की शुरुआत की थी.

ग़द्दाफ़ी पर दबाव

तभी से ग़द्दाफ़ी पर सत्ता छोड़ने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है.

पिछले शुक्रवार जी 8 के नेताओं ने भी ग़द्दाफ़ी को सत्ता से हटाने पर सहमति जताई थी.

इसी सिलसिले में रूसी राष्ट्रपति दिमित्रि मेदवेदेफ़ ने भी शनिवार को यह कहा था कि ग़द्दाफ़ी लीबिया पर नेतृत्व का अधिकार खो चुके हैं.

लीबिया में तुरंत संघर्ष विराम के लिए अफ़्रीकी संघ ने फ़रवरी में एक रोडमैप बनाया था.

लेकिन उसे लीबिया के विद्रोही संगठन टीएनसी और नेटो दोनों ने ही इसलिए नामंज़ूर कर दिया था क्योंकि उसमें कर्नल ग़द्दाफी के सत्ता छोड़ने का कोई ज़िक्र नहीं था.

कर्नल ग़द्दाफ़ी के सलाहकारों ने बीबीसी को बताया है कि कर्नल ग़द्दाफ़ी के सत्ता छोड़ने या लीबिया छोड़कर जाने का सवाल ही नहीं उठता.

हल की उम्मीद

सोमवार को लीबियाई विद्रोहियों के प्रवक्ता गुमा अल गमाती ने बीबीसी से कहा कि जैकब ज़ूमा की लीबिया यात्रा का असर हो सकता है क्यों कि ग़द्दाफ़ी की ताक़त दिनों दिन कमज़ोर पड़ती जा रही है.

उकना कहना था "ग़द्दाफ़ी के आसपास के लोग और उनके लिए लड़ने वाले सहयोगी सभी कमज़ोर पड़ते जा रहे है और कुछ तो उन्हें छोड़ गए हैं."

शनिवार को लीबिया के विद्रोही संगठन टीएनसी के नेता अब्दुल जलील ने ग़द्दाफ़ी समर्थक सैनिकों पर आरोप लगाए कि उन्होंने नाफ़ूसा पहाड़ियों पर विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में तोपों टैंकों और रॉकेटों से हमले किए हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि मिसराता शहर पर भी सरकारी सैनिकों की घेराबंदी जारी हैं.

अब्दुल जलील ने ग़ददाफ़ी की कथित राजनीतिक चालबाज़ी की ओर संकेत करते हुए कहा, "हम सब इस बात के गवाह हैं कि किस तरह कर्नल ग़द्दाफ़ी शांति की बात करके दुनिया को धोखे में रखना चाहते हैं."

जैकब ज़ूमा की लीबिया यात्रा से कुछ हीदिन पहले ब्रिटेन और फ़्रांस ने नेटो के अभियान के तरह लड़ाकू हेलिकॉप्टर भेजने की घोषणा की थी.

लीबिया के सरकारी मीडिया ने सोमवार को कहा है कि नेटो के विमानों ने मिसराता से कोई 30 मील दूर ज़िल्तान में मागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें 11 लोग मारे गए हैं

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