संघर्षविराम ख़त्म, यमन में भीषण झड़पें

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Image caption राजधानी सना में भी क़बयली नेता अल अहमार के समर्थकों और सेना की बीच जंग जारी है

यमन में राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह की समर्थक फ़ौज और क़बायली नेताओं के बीच पिछले हफ़्ते हुआ संघर्षविराम समझौता टूट गया है. राजधानी सना में भीषण लड़ाई शुरु हो गई है. वहाँ कई विस्फोट हुए हैं और गोलीबारी की आवाज़े सुनाई दे रही हैं.

पिछले कुछ दिन की भीषण लड़ाई के बाद अस्थायी संघर्षविराम हुआ था और लड़ाई रुक गई थी.

लेकिन ये समझौता टूट गया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार रात से राजधानी सना के हसबाह इलाक़े में गोलीबारी की आवाज़े सुनी जा रही हैं. दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर समझौते के उल्लघन का आरोप लगाया है.

उधर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था का कहना है कि उसे मिली रिपोर्टों के अनुसार त'आज़ शहर में रविवार से अब तक सरकार समर्थक फ़ौज ने 50 से अधिक लोगों को मार दिया है.

यमन में इस साल की 11 फ़रवरी से सरकार विरोधी प्रदर्शनों हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी 32 सालों से राष्ट्रपति रहे अली अब्दुल्ला सालेह के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं, हालाँकि वे तत्कालीन सरकार को बर्ख़ास्त कर चुके हैं.

तीन जगहों पर भीषण संघर्ष जारी

मंगलवार को सरकार समर्थित फ़ौज और उसके विरोधियों के बीच लड़ाई तीन जगहों पर चल रही थी.

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Image caption यमन में 11 फ़रवरी से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं

राजधानी सना में हाशीद क़बीले के नेता सादिक़ अल-अहमार के इलाक़े में सेना के ख़िलाफ़ संघर्ष हो रहा है, टायज़ में प्रदर्शनकारियों पर भीषण गोलीबारी हुई है और तटवर्ती शहर ज़िंजीबार में अल क़ायदा और इस्लामी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई.

सरकारी सेना ने सना में क़बायली नेता सादिक़ अल-अहमार के घर पर धावा बोला है लेकिन अल-अहमार के लड़ाकों ने जवाबी कार्रवाई की है और कई सरकारी इमारतों पर कब्ज़ा कर लिया है.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार सना में एक निवासी और प्रत्यक्षदर्शी तालाल हाज़ा ने बताया है कि तोप का एक गोला उनके घर के बाहर फटा जबकि एक अन्य गोले से उनके पड़ोसी का घर नष्ट हो गया.

हाज़ा का कहना है कि भीषण लड़ाई के कारण एंबुलेंस घायल लोगों तक पहुँच नहीं पा रही हैं.

टैंकों और बुलडोज़रों के इस्तेमाल से सैनिकों ने शहर के केंद्र में स्थित चौराहे में एक शिविर और फ़ील्ड अस्पताल को ध्वस्त कर दिया है.

ख़बरें आ रही है कि ताज़ा हिंसा में टायज़ में दो सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी मारे गए हैं.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय सालेह पर दबाव बना रहा है कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ समझौता करे ताकि यमन में फैल रही अराजकता ख़त्म हो.

जहाँ यमन में अल क़ायदा लड़ाके मौजूद हैं वहीं वह विश्व के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब का पड़ोसी है.

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