इसराइली हमले में चार की मौत

Image caption इसराइल-सीरिया सीमा पर प्रदर्शनकारी

इसराइली सेना ने फ़लस्तीनी समर्थक सीरियाई प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की है.

प्रदर्शनकारी सीमा पार कर इसराइल के नियंत्रण वाली विवादित गोलन पहाड़ियों में जाने की कोशिश कर रहे थे.

उन्होंने तीन हफ़्ते पहले घुसपैठ करने में सफलता हासिल की थी और वो उसे ही दोहराने की कोशिश कर रहे थे.

इस हमले में चार लोग मारे गए हैं. पिछले महीने भी ऐसा ही एक प्रदर्शन हुआ था जिसमें एक दर्जन से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

उसके बाद इसराइल ने कहा था कि देश के ख़िलाफ़ ऐसे बड़े प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

नेतनयाहू की चेतावनी

हाल की हिंसा से पहले इसरइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा था कि इसरइल 'चरमपंथियों' को अपनी सीमा का अतिक्रमण करने की इजाज़त नहीं देगा.

प्रधानमंत्री ने येरुसलम में साप्ताहिक मंत्रिमंडलीय बैठक में कहा,''मैंने सुरक्षा बलों को देश की संप्रभुता, सीमा, शहर और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ संयम बरतने का निर्देश दिया है.''

लेकिन उनकी चेतावनी सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गोलन पहाड़ियों के सीमावर्ती मजदाल शम्स गांव से सटी कंटीले तार वाली सीमा और ताज़ा खोदे गए खंदकों तक पहुंचने से रोक नहीं सकी.

एसोसिएटेड प्रेस के मुताब़िक कई प्रदर्शनकारियों के पास फ़लस्तीनी झंडे थे और वे बाड़े के ऊपर से पत्थर और मलबा फेंक रहे थे.

इसराइल का कहना है कि उसके सैनिकों ने बाड़े तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों के पैरों पर निशाना साधने से पहले अरबी भाषा में चेतावनी दी थी और हवाई फ़ायरिंग भी की थी.

इसराइल ने 1967 में छह दिन तक चली लड़ाई के निर्णायक चरणों में सीरिया के नियंत्रण वाली गोलन पहाड़ियों को अपने नियंत्रण में ले लिया था.

रविवार को 1967 में हुए अरब-इस्राइल युद्ध की शुरुआत की वर्षगांठ है.

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