फ़िल्म बनाना और किताब भी लिखना चाहता है हेडली

मुंबई पर हमला
Image caption मुंबई हमलों पर फ़िल्म बनाकर पैसा बनाना चाहता है डेविड हेडली

फ़िल्मों और किताबों का भी शौक़ है डेविड हेडली को. सिर्फ़ देखने या पढ़ने का नहीं बल्कि हेडली तो ख़ुद फ़िल्म बनाना चाहता है और किताब भी लिखना चाहता है.

हेडली 2008 के मुंबई हमलों पर फ़िल्म बनाना चाहता है और उस पर एक किताब भी लिखना चाहता है.

और यह सब इसलिए ताकि वो इसके ज़रिए पैसे बना सके.

अमरीका के शिकागो अदालत में तहव्वुर राणा के ख़िलाफ़ चल रही सुनवाई के दौरान ये बातें सामने आईं.

तहव्वुर राणा के ख़िलाफ़ मुक़दमें में हेडली मुख्य गवाह है.

तहव्वुर राणा पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई हमलों के लिए रची गई साज़िश में मदद की थी.

हेडली ने इस मामले में अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है और राणा के ख़िलाफ़ गवाह बन गया है.

राणा के वकील पैट्रीक ब्लेगन ने अदालत को बताया कि हेडली ने फ़ोन पर अपनी पत्नी शाज़िया से कहा था, ''जेल से बाहर आने के बाद मैं इस पर एक किताब लिख सकता हूं और फ़िल्म बना सकता हूं. इस तरह से हमलोग काफ़ी पैसे बना सकते हैं.''

वकील ब्लेगन के मुताबिक़ उसने अपनी पत्नी से यह भी कहा था कि जब वो छूटकर बाहर आएगा तो दोनों मिलकर धार्मिक काम करेंगे.

फ़ोन पर हुई हेडली की बातचीत को अमरीकी सरकार ने टैप किया था.

Image caption हेडली ने अदालत में यह भी कहा कि कैसे उसने अपने दोस्त तहव्वुर राना को बेवक़ूफ़ बनाया

लगातार पांच दिनों तक चले पक्ष विपक्ष की जिरह के बाद हेडली के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया समाप्त हो गई हैं.

आईएसआई

शिकागो कोर्ट में सुनवाई के दौरान हेडली ने यह भी साफ़ किया कि मुंबई हमलों में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के शीर्ष नेतृत्व की कोई भूमिका नहीं थी.

सुनवाई के दौरान हेडली ने कहा, ''कर्नल को हो सकता है जानकारी हो, या हो सकता है इस ग्रुप में किसी को हमलों के बारे में मालूम हो.''

लेकिन जब राणा के वकील ने हेडली से यह साफ़ साफ़ पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि मुंबई हमलों में ना ही आईएसआई प्रमुख और ना ही शीर्ष नेतृत्व शामिल थे, इसका जवाब हेडली ने हां में दिया.

26 नवंबर, 2008 को दस चरमपंथियों ने मुंबई के कई इलाको़ में सुनोयोजित ढंग से हमले किए थे जिनमें 166 लोग मारे गए थे और सैंकड़ों घायल हो गए थे.

इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफ़ी ख़राब हो गए थे और पिछले चार वर्षों से जारी शांति वार्ता भी रद्द कर दी गई थी.

तीन वर्षों के बाद इस साल फ़रवरी में दोनों देशों के बीच दोबारा बातचीत की शुरुआत हुई.

आईएसआई पर मुंबई हमलों में शामिल होने का शक था और अमरीकी अभियोजकों ने आईएसआई के तीन एजेंटों को सह-अभियुक्त बनाया है.

लेकिन हेडली के बयान से पाकिस्तान की इस बात को बल मिलता है कि आईएसआई के केवल कुछ शरारती तत्व ही मुंबई हमलों में शामिल हो सकते हैं.

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