म्लाडिच को हेग भेजा गया

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Image caption म्लाडिच की गिरफ़्तारी के विरोध में उनके समर्थक रैली कर चुके हैं

पूर्व सर्बियाई सैन्य कमांडर रात्को म्लाडिच को अंतरराष्ट्रीय युद्धापराध ट्राइब्यूनल में पेश करने के लिए नीदरलैंड्स के हेग ले जाया गया है.

उन्हें संयुक्त राष्ट्र के एक बंदीगृह में रखा गया है जहाँ पूर्व यूगोस्लाविया के युद्धापराध के 30 अन्य आरोपी भी रखे गए हैं.

रात्को म्लाडिच पर 1990 के दशक में जनसंहार और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध के आरोप हैं.

म्लाडिच की ओर से ख़राब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रत्यार्पित न किए जाने की अपील की गई थी, जिसे मंगलवार को अदालत ने ख़ारिज कर दिया.

69 वर्षीय रात्को म्लाडिच को उत्तरी बेलग्रेड में पिछले गुरुवार को गिरफ़्तार किया गया था. वे पिछले 16 वर्षों से फ़रार थे.

बेलग्रेड में बीबीसी संवाददाता मार्क लोवेन का कहना है कि जिस तेज़ी से जनरल म्लेडिच को प्रत्यार्पित किया गया है, उसकी अपेक्षा कम ही लोगों को थी.

संवाददाता का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि सर्बिया सरकार ने ये तय कर लिया था कि म्लेडिच समर्थकों के विरोध प्रदर्शनों से बचने के लिए उनके प्रत्यर्पण की घोषणा तब की जाए, जब उन्हें रवाना कर दिया जाए.

कड़ी सुरक्षा

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Image caption म्लाडिच ने अपनी बेटी की क़ब्र पर ये फूल अर्पित किए

सर्बिया सरकार का जेट हेग के विमानतल पर स्थानीय समयानुसार देर शाम पौने आठ बजे पहुँचा.

इस विमान को सीधे एक हैंगर में ले जाया गया और विमान के वहाँ पहुँचते ही उसके दरवाज़े बंद हो गए.

इसके बाद जनरल म्लाडिच को अंतरराष्ट्रीय युद्धापराध ट्राइब्यूनल के बंदी गृह में ले जाया गया.

आने वाले दिनों में उन्हें अदालत में पेश किए जाने से पहले उनकी पूरी चिकत्सकीय जाँच होगी.

उन पर 1990 के दशक में मानवता के विरूद्ध अपराध का आरोप है, जिसमें 1995 में सर्बियाई जनसंहार भी शामिल है जिसमें 7,500 मुस्लिम पुरुष और लड़के मारे गए थे.

इससे पहले जनरल म्लाडिच को कड़ी सुरक्षा के बीच उनकी बेटी एना की क़ब्र पर जाने की अनुमति दी गई थी.

रात्को म्लाडिच की गिरफ़्तारी को सर्बिया की यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिशों की ओर एक और क़दम के रूप में देखा जा रहा है.

हालांकि उनके बेटे डार्को म्लाडिच ने कहा है कि जनसंहार के लिए उनके पिता दोषी नहीं थे.

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