फ़िलिपीन्स में तलाक़ विधेयक की तैयारी

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Image caption माल्टा में भी चर्च ने तलाक़ क़ानून का विरोध किया था

माल्टा के बाद अब फ़िलिपीन्स में तलाक़ को क़ानूनी वैधता दिए जाने की तैयारी हो रही है.

इस सिलसिले में एक बिल पेश किया गया है और एक संसदीय समिति इस पर विचार विमर्श कर रही है.

फ़िलिपीन्स और वैटिकन सिटी ही अब दुनिया के दो ऐसे देश हैं जहां तलाक़ को वैधानिक मान्यता हासिल नहीं है.

पिछले हफ़्ते माल्टा में एक जनमत-संग्रह के ज़रिए इसे क़ानूनी मान्यता देने का फ़ैसला किया गया था.

मनीला स्थित बीबीसी संवाददाता केट मैक्गिओन के अनुसार तलाक़ से संबधित विधेयक संसद में पेश तो हो गया है लेकिन इसका पास होना निश्चित नहीं है क्योंकि प्रभावशाली कैथोलिक चर्च इस क़ानून में किसी तरह के बदलाव के सख़्त ख़िलाफ़ है.

माल्टा में हुए जनमत-संग्रह से प्रेरित होकर फ़िलिपीन्स में सांसदों के एक दल ने बुधवार को तलाक़ विधेयक पर बातचीत करने का फ़ैसला किया है.

इस बिल का मसौदा कई वर्षों से संसद की फ़ाइलों में पड़ा हुआ है.

विधेयक का मसौदा तैयार करने वालों में से एक महिला सांसद लज़ इलागन ने कहा कि फ़िलिपीन्स अब तलाक़ के क़ानून में बदलाव के लिए तैयार है और अब इसे 'अंधकार युग' में और नहीं रखा जा सकता.

यूरोप के इतिहास में छठी से दसवीं शताब्दी तक के काल को 'अंधकार युग' कहा जाता है.

विरोध

लेकिन सांसद इलागन को भारी विरोध का सामन करना पड़ रहा है.

फ़िलिपीन्स की आबादी का एक बड़ा हिस्सा कैथोलिक है और वहां चर्च अत्यधिक शक्तिशाली है.

एक पादरी ने हाल ही में कह दिया था कि तलाक़ फ़िलिपीन्स के ख़िलाफ़ है जबकि एक दूसरे पादरी ने कहा था कि वो फ़िलिपीन्स में तलाक़ को वैध बनाने की किसी भी कोशिश का जमकर विरोध करेंगे.

चर्च पहले ही प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी एक विधेयक पर संसद का विरोध कर रहा है. इस बिल में सभी को मुफ़्त में गर्भनिरोधक दिए जाने की बात कही गई है.

तलाक़ दूसरा ऐसा मुद्दा है जिस पर चर्च और विधायिका में भारी गतिरोध है.

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