ब्रिटेन से कई तमिल निर्वासित

Image caption ब्रिटेन में चैनल फ़ोर टीवी ने एक वीडियो दिखाया है जिसमें श्रीलंकाई सैनिकों को तमिलों को गोली मारते दिखाया गया है.

ब्रिटेन में शरण के लिए आए दर्जनों श्रीलंकाई नागरिकों को वहां से निर्वासित कर दिया गया है.

इन लोगों को एक चार्टर्ड विमान पर कोलंबो भेजा गया और वहां मौजूद एक बीबीसी संवाददाता ने कहा है कि विमान श्रीलंका की ज़मीन पर उतर चुका है.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने इन लोगों को निर्वासित करने के लिए ब्रिटेन की आलोचना करते हुए कहा है कि इनमें से ज़्यादातर तमिल शरणार्थी हैं जिनकी जान को वहां ख़तरा हो सकता है.

इन तमिल शरणार्थियों ने भी बीबीसी से बातचीत में कहा कि उनकी जान को श्रीलंका में ख़तरा है.

मानवाधिकार संस्था ऐमनेस्टी इंटरनैशनल ने कहा है कि इन शरणार्थियों में से एक ने ब्रिटेन एयरपोर्ट पर बने जेल में ही बुधवार रात को आत्महत्या करने की भी कोशिश की.

संस्था का कहना है कि उनके पास श्रीलंका में यातना दिए जाने की ख़बरें हैं और यातना का इस्तेमाल करने वाले धड़ल्ले से ऐसा कर रहे हैं.

ब्रिटेन के आप्रवासन अधिकारियों ने इस निर्वासन पर कोई विस्तृत टिप्पणी करने से इंकार किया है.

लेकिन आप्रवासी मामलों के मंत्री डैमियन ग्रीन ने गुरूवार को दिए बयान में कहा, “ब्रिटेन अपनी अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारियों को बेहद गंभीरता से लेता है और शरण लेने आए हर व्यक्ति के केस की छानबीन की जाती है.”

संसद में सवाल

गुरूवार को ये मामला ब्रितानी संसद में भी उठा.

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Image caption 2009 में श्रीलंकाई सेना की कार्रवाई के बाद वहां के लाखों तमिल बेघर हुए.

लेबर पार्टी की सांसद सियोभेन मैक्डोना ने कहा कि निर्वासन के लिए भेजे जा रहे दो तमिल शरणार्थी उनके संसदीय क्षेत्र से हैं.

उन्होंने कहा कि उनमें से एक श्रीलंका के एक तमिल सांसद के यहां काम करता था. उनका कहना था कि उस सांसद को श्रीलंका के अधिकारियों ने गिरफ़्तार कर रखा है.

उन्होंने कहा, “ये लोग बिल्कुल हताश हैं और हम समझ सकते हैं कि उनकी हताशा की वजह क्या है.”

लेबर सांसद ने बताया कि एक शरणार्थी ने जेल के अंदर की रजाई की मदद से आत्महत्या करने की कोशिश की और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा.

उनका कहना है कि इस व्यक्ति की उम्र 30 साल है और वो तमिल छापामारों के साथ था. उस व्यक्ति ने बीबीसी से कहा कि उसकी जान को अब ख़तरा है.

इस हफ़्ते की शुरूआत में ही ब्रिटेन के चैनल फ़ोर टीवी ने वीडियो दिखाया था जिसमें तमिलों को बिना किसी क़ानूनी सुनवाई के मारा जा रहा था.

श्रीलंकाई सेना ने इस वी़डियो को फ़र्जी बताते हुए कहा है कि ये सेना की छवि ख़राब करने की साज़िश है.

श्रीलंकाई सेना ने 2009 में तमिल छापामारों को हरा कर 25 साल से चल रहे गृहयुद्ध को खत्म किया था.

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