रामदेव की ट्रस्टों की पूँजी 1100 करोड़ रुपए

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Image caption हरिद्वार में अनशन पर बाबा रामदेव

योग गुरु बाबा रामदेव की ट्रस्टों की कुल आय और जनसेवा कार्यों में किया गया व्यय लगभग 1100 करोड़ रुपए है.

गुरुवार को उनकी ओर से दी गई विस्तृत जानकारी के मुताबिक सबसे पुराने दिव्ययोग मंदिर ट्रस्ट और उसके बाद बनाए गए अन्य ट्रस्टों की कुल आय और जनसेवा के कार्यों में किया गया ख़र्च 1100 करोड़ रुपए से ज़्यादा है.

दिल्ली के रामलीला मैदान में शुरु हुआ बाबा रामदेव का अनशन गुरुवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया. इस दौरान उनके ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे.

इन्हीं सवालों के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा था कि गुरुवार को वो अपने विभिन्न ट्रस्टों की कुल संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करेंगे.

ख़र्च का ब्योरा

बाबा रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण ने बाबा द्वारा स्थापित विभिन्न ट्रस्ट की कुल पूंजी का विवरण देने से पहले मीडिया को बताया कि जनसेवा के कार्यों में विभिन्न ट्रस्टों ने अब तक कितने पैसे खर्च किए हैं.

बालकृष्ण के मुताबिक़ 1995 में स्थापित स्वामी रामदेव के सबसे पुराने दिव्ययोग ट्रस्ट ने अपनी स्थापना के 17 सालों में अब तक 685 करोड़ 25 लाख रुपए जनसेवा के कार्यों पर खर्च किए हैं.

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Image caption बाबा रामदेव के अनशन का छठा दिन

जबकि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट ने अब तक 53 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि जनसेवा के कार्य में खर्च किए हैं.

दो साल पहले बनाए गए भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने अभी तक 11 करोड़ 51 लाख रुपए जनसेवा के कार्यों में खर्च किए गए हैं.

जबकि शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के लिए बने आचार्य कुलम शिक्षण संस्थान ने 34 लाख रुपए जनसेवा के कार्यों पर खर्च किए हैं.

पूंजी

संस्थान द्वारा जनसेवा पर किए गए खर्च का ब्योरा देने के बाद बालकृष्ण ने बाबा रामदेव द्वारा स्थापित किए गए विभिन्न ट्रस्टों की कुल पूंजी का भी ब्योरा दिया.

उन्होंने बताया कि 17 साल पुराने दिव्य योग मंदिर की कुल पूंजी 249 करोड़ 63 लाख रुपए की है जबकि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के पास 164 करोड़ 80 लाख रुपए की संपत्ति हैं.

भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की पूंजी का ब्योरा देते हुए बालकृष्ण ने बताया कि ट्रस्ट के पास 9 करोड़ 97 लाख रुपए की पूंजी है जबकि आचार्य कुलम शिक्षण संस्थान के पास एक करोड़ 69 लाख रूपए की पूंजी है.

बाबा पर आरोप

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Image caption दिग्विजय सिंह ने बाबा पर आरोप लगाए

रामलीला मैदान पर हुई कार्रवाई के बाद कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव को 'ठग' कहा था और उनकी अपार संपत्ति के स्रोत पर सवाल उठाए थे.

दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव के क़रीबी आचार्य बालकृष्ण पर भी सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि वे नेपाली नागरिक हैं.

इसी के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा था कि गुरुवार को वो पतंजलि योगपीठ और उनके द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न ट्रस्टों के आय और व्यय का पूरा लेखाजोखा पेश करेंगे.

सेना पर सफ़ाई

बुधवार को स्वामी रामदेव ने एलान किया था कि समाज में हो रहे अत्याचार को ख़त्म करने के लिए वो 11000 युवकों की एक सेना तैयार करेंगे.

उनकी इस घोषणा पर केंद्र सरकार ने गंभीर आपत्ति जताई थी और उनसे पूछा था कि रामदेव क्या देश की चुनी हुई सरकार के ख़िलाफ़ सशस्त्र विद्रोह की तैयारी कर रहे हैं?

सरकार द्वारा उठाए गए इस सवाल का जवाब देते हुए बाबा रामदेव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में कहा कि उनके वक्तव्य का ग़लत अर्थ लगाया गया है और भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है. उन्होंने कहा कि,’’हम नक्सलवादी, माओवादी व आतंकवादी परंपरा के पोषक नहीं बल्कि शांतिमूलक, अहिंसक व संवैधानिक, राष्ट्रवादी और आध्यात्मिक परंपरा के संवाहक हैं. जो हमने शब्द का प्रयोग किया, उसका अर्थ का अनर्थ न निकाला जाए, ये मेरा निवेदन है.’’

पत्रकारों ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा उठाया गया बालकृष्ण के पासपोर्ट से जुड़ा सवाल भी उनसे पूछा. जिसके जवाब में बाबा ने कहा कि उनका पासपोर्ट बिल्कुल सही है. उसमें किसी तथ्य को छिपाया नहीं गया है. उन्होंने ये भी कहा कि मीडिया को बालकृष्ण के पासपोर्ट की कॉपी उपलब्ध करा दी जाएगी.

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