सीरिया:अमरीका की कड़ी आलोचना

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Image caption संयुक्त राष्ट्र महासचिव बानकी मून ने सेना के इस्तेमाल को अस्वीकार्यपूर्ण बताया है

सीरिया में सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा पर अमरीका ने सीरिया की कड़ी आलोचना की है.

व्हाईट हाउस ने कहा कि सरकार सीरिया को ख़तरनाक रास्ते पर ले जा रही है और हिंसा और क्रूरता तुरंत बंद होनी चाहिए.

कार्यकर्ताओं के मुताबिक़ शुक्रवार को हुई हिंसा में 32 लोग मारे गए थे.

हिंसा में तेज़ी ऐसे वक्त आई है जब सरकारी सेना जिस्र अल-शुगुर इलाक़े में घुस गई जहाँ से ख़बर आई थी कि वहाँ 120 सुरक्षाबलों मारे गए हैं.

सीरिया में हो रही हिंसा की वजह से पिछले कुछ दिनों में कई सौ नागरिक देश छोड़कर तुर्की और दूसरी जगहों पर चले गए हैं.

असद उपलब्ध नहीं

व्हाईट हाउस प्रवक्ता जे कार्नी ने एक वक्तव्य में सीरियाई सुरक्षाबलों से संयम बनाए रखने को कहा है.

उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने सेना के इस्तेमाल को अस्वीकार्यपूर्ण बताया है.

बानकी मून के एक प्रवक्ता ने कहा कि मून सीरिया के राष्ट्रपति से बात करना चाहते हैं लेकिन पिछले कई दिनों तक लगातार संपर्क की कोशिश के बावजूद उन्हें बताया जा रहा है कि असद उपलब्ध नहीं हैं.

सीरिया में बीबीसी के पत्रकारों के साथ-साथ दूसरे विदेशी पत्रकारों के जाने की मनाही है जिससे स्थिति का सही पता नहीं चल पा रहा है.

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के मुताबिक़ शुक्रवार को घटी एक गंभीर घटना में उत्तरी प्रांत इदिब में हुई हिंसा में 15 लोग मारे गए थे.

मौत की ज़्यादातर रिपोर्टें मारत अल-नुमान इलाक़े में आ रही हैं जहाँ से ख़बरें आ रही हैं कि प्रदर्शनकारियों पर टैंकों और हेलिकॉप्टरों से गोलीबारी की गई है.

उधर सरकारी टेलीविज़न के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस स्टेशनों पर हमला किया था.

संवाददाताओं के मुताबिक़ ये ऐसी पहली रिपोर्टें हैं जिनमें प्रदर्शनकारियों पर हवाई हमलों के बारे में कहा गया है.

विद्रोह

सरकारी मीडिया और कार्यकर्ता दोनो ही कह रहे हैं कि जिस्र अल-शुगुर में टैंक और सेना आगे बढ़ रहे हैं.

माना जा रहा है कि स्थानीय लोग इस क़स्बे को छोड़कर भाग गए हैं.

सरकार ने हफ़्ते के शुरुआती दिनों में सुरक्षाकर्मियों की मौत के लिए हथियारबंद गिरोहों को ज़िम्मेदार ठहराया था, लेकिन कुछ रिपोर्टों के मुताबिक़ ये सुरक्षाबल एक विद्रोह के दौरान मारे गए थे.

सीरियाई टेलिविज़न के मुताबिक़ सेना पास के गाँवों के बाहरी इलाक़ों तक पहुँच गई है, और उन्होंने कई हथियारबंद लोगों को या तो मार दिया है या फिर क़ब्ज़े में ले लिया है.

गवाहों का कहना है कि सैनिक घरों को तबाह कर रहे हैं.

जिस्र अल-शुगुर से भाग रहे एक व्यक्ति ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया कि लोगों के पास ख़ुद की सुरक्षा के लिए कोई हथियार नहीं है.

प्रदर्शन

सीरिया के अलग-अलग इलाक़ों से बड़े प्रदर्शनों की ख़बरें आ रही हैं. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सैन्य कार्रवाईयों में अब तक 1300 लोग मारे जा चुके हैं, और ज़्यादातर मारे गए लोग निहत्थे हैं. सरकार इस बात का खंडन करती है.

जिस तेज़ी से सीरिया में हालात ख़राब हो रहे हैं, उसे देखते हुए रेड क्रॉस ने 5,000 लोगों के लिए एक नया कैंप बनाया है.

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