समलैंगिक महिला का फ़र्जी ब्लॉग

ब्लॉग
Image caption ब्लॉग में सीरिया के जनजीवन का भी उल्लेख था

सीरिया की एक समलैंगिक महिला के नाम पर फ़र्जी ब्लॉग लिखने वाले अमरीकी छात्र ने अपने क़दम का बचाव किया है.

एडिनबरा यूनिवर्सिटी के छात्र टॉम मैकमास्टर ने कहा है कि ब्लॉग कपोल-कल्पना ज़रूर थी, लेकिन इसमें जो तथ्य दिए गए थे, वो सही थे.

अ गेल गर्ल इन दमिश्क नाम से ये ब्लॉग चलाया जा रहा था और बताया जा रहा था कि ये ब्लॉग सीरिया की एक महिला अमीना अब्दुल्लाह अराफ़ अल ओमारी लिख रही हैं.

इस ब्लॉग में मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता के बीच सीरियाई शहरों के जीवन का उल्लेख किया जा रहा था. इस ब्लॉग को काफ़ी लोकप्रियता मिली और पत्रकार भी इस ब्लॉग पर नज़र रखते थे.

इस साल फरवरी से ये ब्लॉग शुरू हुआ था. दावा किया गया था कि सीरिया की 25 वर्षीय समलैंगिक महिला चला रही है.

ब्लॉग में इस 'फ़र्जी महिला' के सामाजिक जीवन के अलावा उनके रिश्तों की भी चर्चा थी. इस महिला ने अपने ब्लॉग में राष्ट्रपति बशर अल असद की आलोचना और सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अपनी भूमिका का भी ज़िक्र किया था.

पिछले सोमवार को इस ब्लॉग में अमीना के चचेरे भाई के नाम से एक पोस्ट प्रकाशित हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि अमीना को हथियारबंद लोगों ने अगवा कर लिया है, जिन्हें राष्ट्रपति असद की बाथ पार्टी का माना जा रहा है.

अभियान

इस समाचार को व्यापक कवरेज़ मिला. बीबीसी ने भी इसकी रिपोर्टिंग की. ब्लॉगर्स और कार्यकर्ताओं ने अमीना की रिहाई के लिए ऑनलाइन अभियान भी चलाया.

लेकिन रविवार को टॉम मैकमास्टर के नाम से एक पोस्ट प्रकाशित हुआ और सभी पाठकों से यह कहते हुए माफ़ी मांगी की कि सभी पोस्ट के लेखक वही थे.

मैकमास्टर ने बीबीसी स्कॉटलैंड से बातचीत में कहा, "कई वर्षों से मध्यपूर्व के मुद्दों पर चर्चा करते हुए जब मैं वास्तविक तथ्यों और विचारों को रखता था, तो मुझसे यही सवाल पूछा जाता था कि आप अमरीका विरोधी क्यों हो, आप यहूदी विरोधी क्यों हो? इसलिए मैंने वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक नए नाम का आविष्कार किया."

मैकमास्टर ने कहा कि वे यही चाहते थे कि लोग नाम पर ध्यान दिए बिना तथ्यों के बारे में जानें. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ब्लॉग की सफलता ने उन्हें भी आश्चर्यचकित किया था.

उन्होंने उन चिंताओं को भी सही ठहराया कि अब सीरिया में ब्लॉगर्स के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएँगी और सरकार को अपना ये दावा सामने रखने में आसानी होगी कि सीरिया में सब कुछ ठीक है.

मैकमास्टर ने दावा किया कि उनका सीरिया में कई लोगों से संपर्क है और वहाँ की घटनाओं पर उनकी नज़र थी.

उन्होंने उस महिला से भी माफ़ी मांगी, जिनकी तस्वीर उन्होंने इस ब्लॉग पर इस्तेमाल की थी.

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